मुख्यमंत्री धामी ने रुद्रप्रयाग और चमोली में बादल फटने की घटनाओं पर चिंता जताई, युद्धस्तर पर चल रहे बचाव कार्य

Aug 30, 2025 - 00:19
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मुख्यमंत्री धामी ने रुद्रप्रयाग और चमोली में बादल फटने की घटनाओं पर चिंता जताई, युद्धस्तर पर चल रहे बचाव कार्य
मुख्यमंत्री धामी ने रुद्रप्रयाग और चमोली में बादल फटने की घटनाओं पर चिंता जताई, युद्धस्तर पर चल रहे बचाव कार्य

मुख्यमंत्री धामी ने रुद्रप्रयाग और चमोली में बादल फटने की घटनाओं पर चिंता जताई, युद्धस्तर पर चल रहे बचाव कार्य

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में बादल फटने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए तुरंत बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर तेज करने के निर्देश दिए हैं।

देहरादून: हाल ही में रुद्रप्रयाग जनपद के बसुकेदार तहसील क्षेत्र के बड़ेथ डुंगर तोक और चमोली जनपद के देवाल क्षेत्र में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं के कारण कई परिवार मलबे में फंस गए हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है। मुख्यमंत्री धामी ने इस पर गहरी चिंता जताई और स्थानीय प्रशासन से राहत कार्यों को तेजी से अंजाम देने का आदेश दिया है।

स्थानीय प्रशासन की तत्परता

मुख्यमंत्री धामी ने जानकारी दी कि स्थानीय प्रशासन ने जिन्दगी और संपत्ति की सुरक्षा के लिए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से हालात पर नज़र रख रहे हैं और आपदा प्रबंधन सचिव तथा दोनों जिलाधिकारियों के संपर्क में हैं।

राहत कार्यों की निगरानी

सीएम धामी ने इस बात पर जोर दिया कि सहायता और चिकित्सा टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दी गई हैं। राहत कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “बाबा केदार से प्रार्थना करता हूं कि सभी लोग सुरक्षित निकाले जा सकें। प्रदेश सरकार पूरी तरह से प्रभावित जनसंख्या के साथ खड़ी है और हम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

तेजी से उठाए जा रहे कदम

प्रशासन द्वारा मौके पर अधिक राहत दल भेजे जा चुके हैं और फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए कार्य तेज़ गति से चल रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा आपदा के समय की गई तत्परता शासन की संवेदनशीलता को दर्शाती है। यह देखने में आया है कि ऐसे संकटपूर्ण समय में प्रशासन और सरकार के बीच समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है।

समुदाय का समर्थन

स्थानीय लोगों और राहत अभियानों का भी बड़ा सहयोग देखने को मिल रहा है। समुदाय के सदस्य दूसरों की मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं, जो कि आपदा प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण भाग है।

आपदा प्रबंधन के विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटना के लिए पहले से तैयार रहना जरूरी है। इससे भविष्य में होने वाली आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

राज्य सरकार ने भी इस दिशा में कदम उठाते हुए आपदा प्रबंधन की योजना और संसाधनों को अद्यतन करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। ताकि प्राथमिकता के आधार पर जरूरतमंद लोगों की सुविधा सुनिश्चित की जा सके।

जैसा कि हम जानते हैं कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति इसे प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील बनाती है। ऐसी स्थिति में, सरकार और स्थानीय प्रशासन का संवेदनशील होना तथा ठोस योजना बनाना अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

आपदा के इस काल में मुख्यमंत्री धामी की सक्रियता व तत्परता ने लोगों को आश्वस्त किया है कि सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।

यह घटनाक्रम न केवल राज्य सरकार की कार्यशैली को दिखाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे संकट में संवेदनशीलता और तत्परता महत्वपूर्ण होती है।

इस विषय में और अपडेट्स के लिए, आप हमारा पोर्टल देखें: Nainital Samachar.

सादर,
टीम नैनital समाचार
(राजश्री शर्मा)

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