Uttarakhand: चंपावत में खड़ी होली महोत्सव का आगाज और मुख्यमंत्री धामी ने लोक संस्कृति को सहेजने का दिया संदेश

Feb 25, 2026 - 08:30
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Uttarakhand: चंपावत में खड़ी होली महोत्सव का आगाज और मुख्यमंत्री धामी ने लोक संस्कृति को सहेजने का दिया संदेश

चंपावत। चंपावत जिले में कलश संगीत कला समिति के तत्वावधान में आयोजित ‘खड़ी होली महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से इस महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और कुमाऊंनी परंपराओं के संरक्षण के प्रति अपनी सरकार के संकल्प को साझा किया। मुख्यमंत्री ने खड़ी और बैठकी होली को केवल एक त्योहार न मानकर इसे सामाजिक समरसता और गौरवशाली विरासत की पहचान बताया।

समारोह को संबोधित करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुमाऊं अंचल में मनाई जाने वाली होली की यह विशिष्ट शैली हमारी पारंपरिक लोक संगीत और सांस्कृतिक चेतना का एक सजीव उदाहरण है। उन्होंने रेखांकित किया कि पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही यह परंपरा न केवल समाज में एकता का भाव पैदा करती है, बल्कि हमारी लोक आस्था को भी मजबूती प्रदान करती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, होली के इन पारंपरिक आयोजनों का विशेष महत्व है क्योंकि ये हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उत्सवों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और पूर्वजों की विरासत को समझने का अवसर मिलता है। ढोल, नगाड़ों और हुड़के की थाप पर गाए जाने वाले पारंपरिक होली के गीत और सामूहिक नृत्य बचपन की यादों को ताज़ा करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की लोककला, लोकभाषा और लोक संस्कृति के विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है। सरकार की नीति है कि स्थानीय मेलों और महोत्सवों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए ताकि स्थानीय कलाकारों को एक बेहतर मंच मिल सके और हमारी पहचान सुरक्षित रहे।

पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत की कलश संगीत कला समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संगठन क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को बचाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के आयोजन न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊर्जा देंगे, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सामूहिकता की भावना को भी और अधिक सशक्त करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और सांस्कृतिक प्रेमी उपस्थित रहे, जिन्होंने पारंपरिक होली गायन का आनंद लिया। मुख्यमंत्री के इस संदेश ने स्थानीय कलाकारों और महोत्सव में शामिल लोगों में नया उत्साह भर दिया है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती प्रदान की जाए।

 

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