Uttarakhand: सीमांत निवासी देश की सीमाओं के सजग प्रहरी जनजातीय समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध पुष्कर सिंह धामी

Feb 23, 2026 - 08:30
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Uttarakhand: सीमांत निवासी देश की सीमाओं के सजग प्रहरी जनजातीय समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध पुष्कर सिंह धामी

चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चमोली जनपद के बिरही (बेडूबगड़) में आयोजित तीन दिवसीय ‘जनजाति समागम 2026’ के समापन समारोह में शिरकत की। नीति-माणा जनजाति कल्याण समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज की परंपराओं को सहेजने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने विशेष रूप से नीति घाटी भोटिया जनजाति के शीतकालीन प्रवास और भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण, बेडूबगड़ में सामुदायिक भवन का निर्माण, गौरा देवी की प्रतिमा व पार्क निर्माण और बैरासकुंड मंदिर के सौंदर्यीकरण का एलान किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई-बहन देश के सजग प्रहरी हैं। उन्होंने सदियों से अपनी संस्कृति, लोकज्ञान और प्रकृति के संरक्षण के जरिए हमारी सभ्यता को मजबूती दी है। धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में जनजातीय समाज के विकास के लिए बजट को तीन गुना बढ़ाया गया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान और एकलव्य आदर्श विद्यालयों के माध्यम से इस समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिल रही हैं। माणा गांव को देश के ‘प्रथम गांव’ की संज्ञा देना इसी सकारात्मक सोच का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का विवरण देते हुए बताया कि जनजाति समाज की बेटियों की शादी के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही, बच्चों को प्राइमरी से स्नातकोत्तर तक छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क कोचिंग की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष महोत्सवों का आयोजन किया जा रहा है और टिम्मरसैंण महादेव व हीरामणि मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के लिए भारी धनराशि जारी की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने पलायन रोकने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि होमस्टे योजना इसमें एक मजबूत कड़ी साबित हुई है। अकेले चमोली जनपद में 800 से अधिक होमस्टे संचालित हो रहे हैं, जिससे 4 हजार से अधिक लोग स्वरोजगार से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति अपने आप में पर्यटन का बड़ा आकर्षण है, जिसे वैश्विक पहचान दिलाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया और कहा कि यह गर्व की बात है कि आज जनजातीय समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं। समापन कार्यक्रम में विधायक भूपाल राम टम्टा, अनिल नौटियाल, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी से जनजातीय परंपराओं और प्राकृतिक संसाधनों को भविष्य की पीढ़ियों के लिए सहेजने का आह्वान किया।

 

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