पूर्व सैनिकों के अधिकारों की रक्षा: उपनल से हटाने के आदेश के विरोध में सांसद अजय भट्ट से मिले पूर्व सैनिक

पूर्व सैनिकों के सम्मान और हक की लड़ाई: उपनल से हटाने के आदेश के विरोध में पूर्व सैनिकों ने सांसद श्री अजय भट्ट से लगाई गुहार
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सांसद श्री अजय भट्ट से गुहार लगाई है, जब उन्हें उपनल से हटाकर सिविल ठेकेदारों के अधीन लाए जाने की सूचना मिली है। यह निर्णय पूर्व सैनिकों के लिए एक बड़ा धक्का साबित हुआ है, जिसके खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई है।
दिनांक: 17 अगस्त 2025
हल्द्वानी, उत्तराखंड
उत्तराखंड के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पिछले करीब 25 वर्षों से निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे पूर्व सैनिकों को हाल ही में उपनल से हटा कर सिविल ठेकेदारों के अधीन लाने का आदेश दिया गया है। यह निर्णय पूर्व सैनिकों के सम्मान और सेवा के प्रति एक गंभीर आघात है। इस आदेश ने पूर्व सैनिकों में रोष और असंतोष फैला दिया है।
सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अरुण जोशी द्वारा 04 अगस्त और 14 अगस्त को जारी की गई विज्ञप्तियों में निर्धारित किया गया है कि मेडिकल कॉलेज, सुशीला तिवारी अस्पताल और मोटहल्दू स्वास्थ्य केंद्र में तैनात 92 पूर्व सैनिकों (सुरक्षा गार्ड, फायर टेक्नीशियन, वाहन चालक, गनमैन) को अब सिविल ठेकेदारों के अधीन लाया जाएगा। यह निर्णय पूर्व सैनिकों की गरिमा और सेवा के साथ सीधा कुठाराघात है।
यह महत्वपूर्ण है कि उपनल की स्थापना पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के उद्देश्य से की गई थी, और उन्होंने वर्षों से सुरक्षा एवं फायर सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभाई हैं।
इस अन्यायपूर्ण फैसले के विरोध में आज सेवानिवृत्त कर्नल जगत सिंह जंतवाल, कैप्टन सोबन सिंह भड़ और गोविंद सिंह बरती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय सांसद एवं पूर्व रक्षा राज्य मंत्री श्री अजय भट्ट जी से भेंट की। सांसद महोदय ने पूर्व सैनिकों की समस्याओं को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि वह इस विषय को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के समक्ष उठाएंगे। इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र भी मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया।
इस अवसर पर पूर्व सैनिकों ने अपनी मांगों का एक आधिकारिक ज्ञापन भी प्रस्तुत किया, जिसमें प्रमुख मांगें शामिल थीं:
- सभी तैनात पूर्व सैनिकों को पूर्ववत उपनल व्यवस्था के अंतर्गत ही सेवा में रखा जाए।
- उपनल के मूल उद्देश्यों की रक्षा की जाए और इसमें हो रहे राजनीतिक व प्रशासनिक हस्तक्षेप को रोका जाए।
- सरकार पूर्व सैनिकों की गरिमा, सेवा और त्याग का सम्मान करते हुए इस फैसले को तुरंत वापस ले। यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो समस्त पूर्व सैनिक मजबूर होकर लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन की राह अपनाने को बाध्य होंगे।
इस मौके पर पूर्व सैनिक उपनल कर्मी सुशील तिवारी संगठन के अध्यक्ष नवीन भट्ट, भुवन चंद्र जोशी, मनोज पांडे, नरेंद्र पाल, दीप पंत, सुरेश दुमका, कैलाश सती और ईश्वर दानू सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक सुरक्षा गार्ड, ड्राइवर और फायर टेक्नीशियन भी उपस्थित रहे।
इस समस्या को लेकर पूर्व सैनिकों का आंदोलन जारी रहेगा, और वे अपनी गरिमा और हक की इस लड़ाई को एकजुट होकर लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जारीकर्ता:
कैप्टन सोबन सिंह भड़ (सेवानिवृत)
मोबाइल नंबर 7347356263 द्वारा
पूर्व सैनिक उपनल कर्मचारी संगठन, हल्द्वानी, उत्तराखंड
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सादर,
टीम नैनिताल समाचार
नैना अरोड़ा
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