उत्तराखंड: दिवंगत और बीमार पत्रकारों के लिए सरकार ने की आर्थिक मदद का एलान
उत्तराखंड: दिवंगत और बीमार पत्रकारों के लिए सरकार ने की आर्थिक मदद का एलान
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Nainital Samachar
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड सरकार ने पत्रकारों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, राज्य के पत्रकारों और उनके परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए कई प्रमुख फैसले लिए गए हैं।
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य के पत्रकारों के कल्याण और सम्मान के लिए एक बड़ा और मानवीय कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार, सूचना विभाग ने पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक सहायता के रास्ते खोल दिए हैं। हाल ही में, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में पत्रकार कल्याण कोष और मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को आर्थिक सहायता
बैठक में पंद्रह दिवंगत पत्रकारों के परिवारों के लिए सहायता की घोषणा की गई। बताया गया कि इन परिवारों को प्रति परिवार पांच लाख रुपये देने की संस्तुति की गई है। इस मदद से उन परिवारों को संबल मिलेगा जिन्होंने अपने घर के कमाने वाले सदस्य को खो दिया है। यह निर्णय वरिष्ठ पत्रकारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
बीमार पत्रकारों को भी मिलेगी सहायता
बैठक के दौरान गंभीर बीमारियों से जूझ रहे पत्रकारों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। दो ऐसे पत्रकारों की सहायता करने के लिए समिति ने उनके इलाज के लिए भी प्रति पत्रकार पांच लाख रुपये की चिकित्सा सहायता देने की सिफारिश की है। इससे उन पत्रकारों को अत्यंत महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी जो अपने स्वास्थ्य से जूझ रहे हैं।
वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन योजना
मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के अंतर्गत, चार वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मान पेंशन देने का निर्णय भी लिया गया है। इन पत्रकारों को अब आठ हजार रुपये प्रति माह की पेंशन मिलेगी, जो कि राज्य सरकार की ओर से इन्हें सम्मान देने का एक उपाय है।
सरकार की प्रतिबद्धता पत्रकारों के साथ
इस मौके पर, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि विभाग पत्रकारों से जुड़े मामलों पर तत्परता से कार्रवाई कर रहा है। सरकार का प्रयास है कि संकट में फंसे पत्रकारों और उनके परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाई जाए। इसके लिए नियमित बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिए जा रहे हैं।
समुदाय की इस सहायता से न केवल पत्रकारों को सांत्वना मिलेगी, बल्कि यह सरकार और मीडिया के बीच एक सकारात्मक संबंध भी स्थापित करता है।
इस निर्णय से प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और सम्मान बढ़ेगा, और यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पत्रकार अकेला न महसूस करे।
सरकार की इस पहल से यह भी स्पष्ट होता है कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। पत्रकारों का योगदान किसी भी समाज में बहुत बड़ा होता है, और उनके कल्याण के लिए उठाए गए कदम अत्यंत आवश्यक हैं।
और जानकारियों के लिए यहाँ क्लिक करें.
संक्षेप में, ये फैसले उत्तराखंड के पत्रकारों के लिए एक नई उम्मीद में बदल सकते हैं।
धन्यवाद,
टीम नैनिताल समाचार
राधिका मिश्रा
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0