Uttarakhand: नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी शुभकामनाएं
Uttarakhand: नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी शुभकामनाएं
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के समस्त नागरिकों को नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई तथा शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री ने अपनी शुभकामनाओं में चैत्र नवरात्रि को शक्ति की उपासना का महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए कहा कि यह त्यौहार हमारे भारतीय संस्कृति की महान और गौरवशाली परंपराओं का एक अटूट हिस्सा है।
नारी शक्ति का महत्व
पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में विशेष रूप से नारी शक्ति के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “नवरात्रि का यह पावन पर्व समाज में महिलाओं के सामर्थ्य और उनके उच्च स्थान को प्रदर्शित करता है।” इस अवसर पर की जाने वाली कन्या पूजन की परंपरा को नारी शक्ति के गौरव और सम्मान का प्रतीक मानते हुए, उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे समाज में नारियों के सम्मान को सर्वोपरि रखें और उन्हें सशक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, “हमारे प्राचीन और पौराणिक ग्रंथों में चैत्र नवरात्रि का विशेष वर्णन मिलता है।” इसे व्यक्ति की आत्मशुद्धि और समाज में अच्छी प्रवृत्तियों के विकास का मुख्य आधार माना गया है। उन्होंने बताया कि इन नौ दिनों के दौरान मां दुर्गा की भक्ति और विधि-विधान से पूजन करने से व्यक्ति के भीतर की नकारात्मक ऊर्जा का अंत होता है, जिससे संपूर्ण वातावरण में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
उत्तराखंड, जो कि स्वयं एक देवभूमि है, में इन पवित्र दिनों का महत्व और भी बढ़ जाता है। इसी कारण, प्रदेश के सभी प्रमुख देवी मंदिरों और सिद्ध शक्तिपीठों में इन दिनों भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन एक लंबी और गौरवशाली परंपरा रही है।
समाज की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा, “हमारे यहां किसी भी मांगलिक या शुभ कार्य के आरंभ में ‘संकल्प’ लेने का विशेष विधान है।” उन्होंने जनता से अपील की कि शक्ति के अनुष्ठान के इस पावन पर्व पर हमें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और रचनात्मक व सृजनात्मक कार्यों के लिए खुद को समर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि, “यह पर्व हमें एक नई ऊर्जा और उत्साह के साथ देश व समाज की निस्वार्थ सेवा करने के लिए प्रेरित करता है।”
आशा और प्रेरणा का संदेश
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि यह नया हिंदू संवत्सर प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में नई खुशियां, बेहतर स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि मां शक्ति के आशीर्वाद से उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और समाज में प्रेम, शांति व सद्भाव की भावना और अधिक मजबूत होगी।
अंत में, इस पावन पर्व पर मुख्यमंत्री के संदेश ने हमें न केवल धार्मिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी, बल्कि समाज की जिम्मेदारियों को समझने और महिलाओं के प्रति आदर और सम्मान का भाव रखने की भी अद्भुत प्रेरणा दी है।
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सादर,
टीम नैनिताल समाचार
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