मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नई उड़ान: स्थानीय उत्पादों और महिला स्वरोजगार का उत्थान

Jun 1, 2026 - 08:30
 129  2.6k
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नई उड़ान: स्थानीय उत्पादों और महिला स्वरोजगार का उत्थान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नई उड़ान: स्थानीय उत्पादों और महिला स्वरोजगार का उत्थान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नई उड़ान: स्थानीय उत्पादों और महिला स्वरोजगार का उत्थान

कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड की महिलाओं के लिए माल्टा के छिलकों से तैयार हर्बल कॉस्मेटिक उत्पाद आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहे हैं।
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Nainital Samachar

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का "वोकल फॉर लोकल" अभियान अब धरातल पर नजर आ रहा है। उनकी सोच और नीति का सकारात्मक प्रभाव अब उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। जनपद पौड़ी गढ़वाल के अंतर्गत शुरू हुई ग्रामोत्थान परियोजना ने स्थानीय उत्पादों को न केवल पहचान दी है, बल्कि पहाड़ की महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता भी प्रदान की है।

ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत, माल्टा के बेकार समझे जाने वाले छिलकों को अब स्वरोजगार का माध्यम बना दिया गया है। अब, यही छिलके "वेस्ट टू वेल्थ" मॉडल की भूमिका निभा रहे हैं, जिससे महिलाएं न केवल अपना रोजगार धारण कर रही हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं।

पौड़ी गढ़वाल में उमंग स्वायत्त सहकारिता के तहत चल रही बेडू एवं फल प्रसंस्करण इकाई के अंतर्गत, ग्रामीण महिलाएं अब माल्टा पील फेस पैक और हर्बल उबटन जैसे उत्पाद बना रही हैं। इन उत्पादों में सहायक सामग्री जैसे मुल्तानी मिट्टी, चंदन, गुलाब पाउडर, हल्दी, और नीम का प्रयोग किया जा रहा है। यह सभी उत्पाद पूरी तरह से हर्बल और केमिकल-फ्री हैं, जिनकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

जनपद की जिलाधिकारी, स्वाति एस भदौरिया के मार्गदर्शन में यह अद्वितीय पहल महिलाओं के लिए नए अवसर लाने में सफल रही है। पहले जो महिलाएं घर के कार्यों तक ही सीमित थीं, वे अब उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विपणन के क्षेत्र में कदम बढ़ा रही हैं। इस तरह, वे "ग्रामीण उद्यमी" बनकर अपनी पहचान बना रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि माल्टा के छिलकों में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट जैसे लाभकारी तत्व होते हैं। यही कारण है कि भारत एवं अन्य देशों में सिट्रस आधारित स्किन केयर उत्पादों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। स्थानीय "हिलांस" जैसे ब्रांड के माध्यम से इन उत्पादों को बाजार में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान मिल रही है।

ग्रामोत्थान परियोजना के जिला परियोजना प्रबंधक, कुलदीप बिष्ट ने कहा कि यह योजना न केवल रोजगार सृजन कर रही है, बल्कि महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि यह पहल भविष्य में उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक "गेम चेंजर" साबित हो सकती है।

यहां पर केवल उत्पाद निर्माण की ही बात नहीं है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आत्मनिर्भर उत्तराखंड के दिशा में एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी बन चुकी है।

यह एक सुखद पहल है जो न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद कर रही है, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग भी सुनिश्चित कर रही है।

अधिक जानकारी के लिए, यहां क्लिक करें.

सादर,
टीम नैनिताल समाचार
नंदिनी शर्मा

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0