मणिपाल हॉस्पिटल की पहल: ओवेरियन कैंसर जागरूकता हेतु विशेष सत्र का आयोजन
मणिपाल हॉस्पिटल की पहल: ओवेरियन कैंसर जागरूकता हेतु विशेष सत्र का आयोजन
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में मणिपाल हॉस्पिटल ने ओवेरियन कैंसर जागरूकता माह के तहत एक विशेष सत्र का आयोजन किया, जिसमें कैंसर योद्धाओं के साहस को भी सम्मानित किया गया।
देहरादून, — ओवेरियन कैंसर जागरूकता माह के उपलक्ष्य में मणिपाल हॉस्पिटल ने "हर निशान हिम्मत और संघर्ष की कहानी कहता है" शीर्षक से एक विशेष ओवेरियन कैंसर जागरूकता सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में ओवेरियन कैंसर से उबर चुकी महिलाएं, उनके परिजन, चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ और विभिन्न संगठनों से जुड़े वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य ओवेरियन कैंसर की प्रारंभिक पहचान, उचित उपचार और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
विशेषज्ञों का योगदान
इस विशेष सत्र में कई विशेषज्ञों ने अपनी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की, जिनमें शामिल थे: डॉ. इरीना डे, कंसल्टेंट – ऑब्स्टेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी; डॉ. पारोमिता रॉय, कंसल्टेंट – गायनेकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी; डॉ. तन्मय कुमार मंडल, कंसल्टेंट – मेडिकल ऑन्कोलॉजी; और डॉ. साग्निक रे, कंसल्टेंट – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी। उन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का संचालन किया।
ओवेरियन कैंसर के लक्षण और उपचार
इस दौरान, डॉ. इरीना डे ने कहा, "ओवेरियन कैंसर के लक्षण अक्सर सामान्य होते हैं, जैसे कि पेट फूलना, असहजता, भूख में बदलाव या बिना किसी कारण के थकान का अनुभव। महिलाएं अक्सर इन संकेतों को नजरअंदाज कर देती हैं। इसलिए, इन चेतावनी संकेतों के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है। नियमित रूप से स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना प्रारंभिक पहचान में मदद कर सकता है।"
डॉ. तन्मय कुमार मंडल ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कम उम्र की महिलाओं में ओवेरियन कैंसर के मामलों में वृध्दि हो रही है। "आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की प्रगति ने कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और व्यक्तिगत कैंसर उपचार को बहुत प्रभावी बना दिया है। इसके बावजूद, रोगियों को मानसिक दृढ़ता और परिवार का सहयोग प्राप्त करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।"
कैंसर योद्धाओं की प्रेरणा
कार्यक्रम में मौजूद एक 62 वर्षीय कैंसर योद्धा, रीना घोष, ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "जब मुझे स्टेज फोर ओवेरियन कैंसर होने का पता चला, तो मेरे लिए यह एक बड़ा झटका था। लेकिन मेरे परिवार और देखभाल करने वालों के समर्थन ने मुझे इस कठिन दौर से लड़ने की ताकत दी। आज मैं जीवन को एक नए नजरिए से देखती हूं और हर खुशी का जश्न मनाती हूं।"
स्वास्थ्य जांच और जीवनशैली
डॉ. पारोमिता रॉय ने बताया, "बढ़ती उम्र के साथ ओवेरियन कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है।"
डॉ. साग्निक रे ने इस बात पर जोर दिया कि "ओवेरियन कैंसर का इलाज आज आसानी से उपलब्ध है। सही समय पर उपचार और उचित मार्गदर्शन से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।"
इस कार्यक्रम ने ओवेरियन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके खिलाफ लड़ाई में सहयोग प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। यह पहल न केवल मरीजों के लिए, बल्कि उनके परिवारों और दोस्तों के लिए भी जागरूकता का महत्वपूर्ण स्रोत है। अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें
सभी को एक स्वस्थ जीवन जीने की सलाह दी गई और इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन आगे भी किया जाएगा, ताकि ओवेरियन कैंसर और अन्य रोगों के प्रति जागरूकता बनी रहे।
टीम नैनिताल समाचार
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