मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह का लेखकों से संवाद: उत्तराखंड के सांस्कृतिक विकास में साहित्यकारों की भूमिका

Jul 27, 2026 - 08:30
 149  2.6k
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह का लेखकों से संवाद: उत्तराखंड के सांस्कृतिक विकास में साहित्यकारों की भूमिका
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह का लेखकों से संवाद: उत्तराखंड के सांस्कृतिक विकास में साहित्यकारों की भूमिका

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह का लेखकों से संवाद: उत्तराखंड के सांस्कृतिक विकास में साहित्यकारों की भूमिका

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Nainital Samachar

कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा और साहित्यकारों के साथ संवाद करते हुए उत्तराखंड के विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की चर्चा की।

देहरादून में, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में रविवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश भर के वरिष्ठ लेखकों एवं साहित्यकारों से संवाद किया। इस अवसर पर कई साहित्यकारों ने मुख्यमंत्री को अपनी-अपनी पुस्तकों भेंट कीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक लेखक से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका हालचाल जाना और उनके साहित्यिक योगदान पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री संवाद कार्यक्रम

साहित्यकारों की भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार समाज का दर्पण होते हैं और समाज को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार साहित्यकारों के लिए एक सशक्त वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

साहित्यकारों के साथ बातचीत

साहित्यिक पर्यटन की विकास योजना

मुख्यमंत्री ने इस बात को भी उजागर किया कि देवभूमि उत्तराखंड ऐतिहासिक रूप से महान साहित्यकारों की भूमि रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई पीढ़ी में अध्ययन और लेखन की संस्कृति विकसित करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। राज्य सरकार ने उत्तराखंड भाषा संस्थान के माध्यम से पुराने, बिखरे हुए और अप्रकाशित साहित्य के संरक्षण और प्रकाशन का कार्य करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए दो साहित्य ग्राम स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके अतिरिक्त, साहित्यकारों के सम्मान के लिए 'उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान' और 'दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान' जैसे पुरस्कार भी शुरू किए गए हैं।

1000 पुस्तक दान अभियान

मुख्यमंत्री ने हरेला पर्व के अवसर पर '1000 पुस्तक दान अभियान' को अपना समर्थन दिया और संवाद कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लेखकों की 50 पुस्तकें खरीदकर रुद्रप्रयाग के सार्वजनिक पुस्तकालय को देने की घोषणा की।

यह अभियान "एक पुस्तक, एक वृक्ष, एक उज्ज्वल भविष्य" थीम पर संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समाज में पुस्तकें वितरित करना और ज्ञान एवं संस्कार का प्रसार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी यह पहल समाज में सकारात्मक सोच एवं अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ाने का कार्य करेगी।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जिनमें मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, पूर्व मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री अनिल रतूड़ी, सचिव श्री रणवीर सिंह चौहान, जिलाधिकारी नैनीताल श्री ललित मोहन रयाल और अन्य प्रमुख साहित्यकार शामिल थे।

स्थानीय साहित्यकारों ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए और मुख्यमंत्री की इस योजना की सराहना की। उनका कहना था कि ऐसे संवादों से न केवल साहित्य का सम्मान बढ़ता है, बल्कि युवाओं में लेखन की संस्कृति को भी बढ़ावा मिलता है।

इस कार्यक्रम ने स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी संस्कृति एवं साहित्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता रखते हैं और उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने के लिए कार्यरत हैं।

For more updates, visit nainitalsamachar.com

सादर,
टीम नैनीताल समाचार
(श्रीमती प्रिया थापा)

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0