उत्तराखंड: खाद्य संरक्षा विभाग ने वर्ष 2025 में मिलावटखोरों से वसूले 3 करोड़ से अधिक का जुर्माना

Dec 26, 2025 - 08:30
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उत्तराखंड: खाद्य संरक्षा विभाग ने वर्ष 2025 में मिलावटखोरों से वसूले 3 करोड़ से अधिक का जुर्माना
उत्तराखंड: खाद्य संरक्षा विभाग ने वर्ष 2025 में मिलावटखोरों से वसूले 3 करोड़ से अधिक का जुर्माना

उत्तराखंड: खाद्य संरक्षा विभाग ने वर्ष 2025 में मिलावटखोरों से वसूले 3 करोड़ से अधिक का जुर्माना

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कम शब्दों में कहें तो, वर्ष 2025 में उत्तराखंड ने खाद्य संरक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

देहरादून। उत्तराखंड में जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और मिलावटखोरी पर नकेल कसने के लिए वर्ष 2025 ऐतिहासिक उपलब्धियों वाला साल साबित हुआ है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के दिशा निर्देशों पर चलते हुए सुरक्षित भोजन और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की एक मजबूत व्यवस्था कायम की है। विभाग के आयुक्त आर राजेश कुमार के नेतृत्व में राज्य भर में सख्त निगरानी और कार्रवाई का असर साफ देखने को मिला है। मिलावटखोरों पर विभाग ने कड़ा प्रहार करते हुए 3 करोड़ 31 लाख 71 हजार रुपये का भारी भरकम जुर्माना वसूला है।

खाद्य नमूनों की जांच और उनकी सुरक्षा

वर्ष 2025 में विभाग ने 3122 खाद्य नमूनों को एकत्र कर उनकी जांच कराई, जिनमें से 223 नमूने असुरक्षित पाए गए। इन असुरक्षित नमूनों के मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए न्यायालय द्वारा यह जुर्माना लगाया गया। यह सख्त कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है, जो मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हैं।

उपभोक्ता जागरूकता अभियान

उपभोक्ता संरक्षण के लिए विभाग ने व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाए। विभागीय टीमों ने बाजारों, होटलों और मिठाई की दुकानों का निरीक्षण कर 10 हजार से अधिक उपभोक्ताओं और कारोबारियों को जागरूक किया। इसके अलावा, 3825 खाद्य पदार्थों के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए। कुपोषण से लड़ने के लिए फोर्टीफाइड खाद्य पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा दिया गया और लोगों को संतुलित भोजन के महत्व के बारे में बताया गया।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी विभाग ने एक अनूठी पहल की है। रीयूज्ड कुकिंग ऑयल यानी "रूको" अभियान के तहत होटलों और ढाबों से 28 हजार 144 किलोग्राम प्रयुक्त खाद्य तेल इकट्ठा किया गया। इस तेल को बायोडीजल बनाने के लिए भेजा गया, जिससे स्वास्थ्य जोखिम कम हुए और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा मिला।

ईट राइट मूवमेंट और यात्री सुविधा

ईट राइट मूवमेंट के तहत राज्य के 7 जिला कारागारों और कई प्रमुख संस्थानों को ईट राइट कैंपस के रूप में विकसित किया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए, देहरादून, हरिद्वार, रुड़की और ऋषिकेश के रेलवे स्टेशनों को ईट राइट स्टेशन का दर्जा दिया गया ताकि उन्हें साफ सुथरा भोजन मिल सके।

नशा और मादक पदार्थों से बचाव

नशा और मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर भी विभाग ने गंभीरता से कदम उठाए हैं। राज्यस्तरीय अभियान के तहत क्विक रिस्पांस टीम का गठन किया गया और एनडीपीएस एक्ट के तहत 10 अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया। कफ सिरप की गुणवत्ता जांचने के लिए भी विशेष अभियान चलाया गया।

भविष्य की योजनाएं

विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करते हुए 18 नए औषधि निरीक्षकों की नियुक्ति की है और नई खाद्य विश्लेषणशाला स्थापित करने की प्रक्रिया भी जारी है। आयुक्त आर राजेश कुमार ने कहा है कि विभाग का लक्ष्य स्वस्थ उत्तराखंड बनाना है और इसके लिए भविष्य में भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

संक्षेप में, उत्तराखंड की खाद्य संरक्षा विभाग की ये सारी गतिविधियाँ इस दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती हैं, जिससे राज्य में खाद्य सुरक्षा का स्तर और भी ऊँचा उठ सकेगा।

उम्मीद है कि इस अभियान से उत्तराखंड में खाद्य संरक्षा को और मजबूती मिलेगी और उपभोक्ताओं को साफ और सुरक्षित खाद्य पदार्थ प्राप्त होंगे।

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सादर,

टीम नैनीताल समाचार
सुमन शर्मा

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