Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का समन्वय पर जोर, विकसित भारत का सपना संभव
Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का समन्वय पर जोर, विकसित भारत का सपना संभव
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में हो रही मध्य क्षेत्रीय परिषद् की 26वीं बैठक में समन्वय और सहयोग पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना राज्यों के बीच संवाद से ही साकार होगा।
बस्तर, छत्तीसगढ़: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद् की 26वीं बैठक में सक्रिय भागीदारी की। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना, बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास, और कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर केन्द्रित था।
राज्यों के बीच संवाद की अहमियत
सत्र में मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने के लिए राज्यों के बीच परस्पर संवाद और समन्वय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत संघीय व्यवस्था के तहत ही देश का संतुलित और समग्र विकास संभव है। धामी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सहकारी संघवाद के चलते विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक बदलावों का दौर देखने को मिला है।
उत्तराखंड के सांस्कृतिक आयोजनों का महत्व
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड के आगामी बड़े आयोजनों का उल्लेख करते हुए पड़ोसी राज्यों से सहयोग की अपील की। उन्होंने वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली मां नंदा राजजात यात्रा और हरिद्वार में होने वाले भव्य कुंभ मेले की तैयारियों के बारे में बताया। ये आयोजन केवल उत्तराखंड के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक है। लाखों श्रद्धालु इन आयोजनों में शामिल होते हैं, इसलिए यातायात प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अन्य राज्यों और केंद्र सरकार का सहयोग जरूरी है।
सुरक्षा और तकनीकी संसाधनों का समन्वय
सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने सीमा के राज्यों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। साइबर अपराधों के खिलाफ संयुक्त रणनीतियों के निर्माण, आपदा प्रबंधन प्रणालियों के आधुनिकीकरण, और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों का सामना केवल एकजुट प्रयासों और तकनीकी उपकरणों के माध्यम से किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री की स्थायी प्राथमिकताएँ
धामी ने उत्तराखंड सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए सुशासन, महिलाओं और युवाओं का सशक्तिकरण, और बुनियादी ढाँचागत विकास को मुख्य कार्ययोजना बताया। बैठक में मौजूद सभी मुख्यमंत्रियों ने एकजुट होकर जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन की सहमति व्यक्त की।
इस बैठक ने दर्शाया कि क्षेत्रीय सहयोग और आपसी संवाद वास्तव में 'विकसित भारत' के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह सभी राज्यों के लिए एक अवसर है कि वे मिलकर अपने विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं और जनता की भलाई के लिए सामूहिक प्रयास करें।
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समीक्षा, नज़रिया, और सुझाव पर आधारित ये सभी बातें दर्शाती हैं कि यदि राज्यों के बीच समन्वय मजबूत किया जाए, तो भारत का विकास एक सच्चाई बन सकता है।
सादर,
टीम नैनीताल समाचार
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