Uttar Pradesh: अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के गंभीर आरोप - मेडिकल रिपोर्ट ने खोली पोल

Feb 27, 2026 - 08:30
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Uttar Pradesh: अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के गंभीर आरोप - मेडिकल रिपोर्ट ने खोली पोल

अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ी: मेडिकल रिपोर्ट में कुकर्म की पुष्टि

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कम शब्दों में कहें तो, प्रयागराज में यौन शोषण के गंभीर आरोपों से घिरे अविमुक्तेश्वरानंद की समस्याएं बढ़ रही हैं। एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब पीड़ित नाबालिग बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें यौन शोषण और कुकर्म की पुष्टि की गई है।

प्रयागराज पुलिस ने हाल ही में पीड़ित बच्चों का मेडिकल परीक्षण किया था, जिसकी रिपोर्ट अब इस मामले की जांच का मुख्य आधार बन गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग बच्चों के साथ हुई बर्बरता की तथ्यात्मक पुष्टि हुई है, जिससे अविमुक्तेश्वरानंद की स्थिति बहुत गंभीर होती जा रही है।

आरोपों का गंभीर रूप

इन गंभीर आरोपों को आशुतोष ब्रह्मचारी ने सार्वजनिक किया है, जो अक्सर शंकराचार्य पद पर रहने वाले अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ मुखर रहते हैं। ब्रह्मचारी ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट ने बच्चों द्वारा पुलिस और अदालत के समक्ष दिए गए बयान को समर्थित किया है। इसके साथ ही, उन्होंने एक नए आरोपी अरविंद का नाम उजागर किया है, जो अविमुक्तेश्वरानंद के गुरु भाई और उनकी आश्रम के करीबी सहयोगी बताए जा रहे हैं।

आरोप है कि अरविंद ने आश्रम की गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और बच्चों को वहां भेजने में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। इस स्थिति ने मामले को और भी जटिल बना दिया है।

कानूनी कार्रवाई की दिशा

अविमुक्तेश्वरानंद ने अपनी संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की पीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही है, और कोर्ट के समक्ष मेडिकल रिपोर्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को रखा जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हाईकोर्ट जमानत की याचिका खारिज कर देता है, तो पुलिस कभी भी अविमुक्तेश्वरानंद को गिरफ्तार कर सकती है।

साक्ष्य और जांच प्रक्रिया

आशुतोष ब्रह्मचारी ने जांच के प्रति अपने विश्वास को व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पास अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ ठोस साक्ष्य मौजूद हैं जिन्हें झुठलाना संभव नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में पीड़ितों की संख्या मात्र दो नहीं, बल्कि करीब 20 हो सकती है। ब्रह्मचारी ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया है और कहा है कि यह सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इस मामले की जांच किसी अन्य राज्य की पुलिस से कराने की मांग की। इसपर आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि चाहे कोई भी एजेंसी मामले की जांच करे, साक्ष्य इतने मजबूत हैं कि उन्हें छिपाना संभव नहीं होगा।

यह पूरा मामला धार्मिक समुदाय में बड़ी चर्चा का विषय बन गया है, और सबकी नजरें शुक्रवार को होने वाले अदालती फैसले पर टिकी हैं।

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सादर,
टीम नैनिताल समाचार (सुमन गुप्ता)

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