पंजाब: मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश, वैज्ञानिकों के प्रयोगों से किसानों को अब नहीं सहना पड़ेगा नुकसान

Mar 21, 2026 - 08:30
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पंजाब: मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश, वैज्ञानिकों के प्रयोगों से किसानों को अब नहीं सहना पड़ेगा नुकसान

पंजाब: मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश, वैज्ञानिकों के प्रयोगों से किसानों को अब नहीं सहना पड़ेगा नुकसान

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कम शब्दों में कहें तो, किसानों को अब अपने खेतों में प्रयोगों के असफल परिणामों का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय में फैसले लिए हैं जो आगामी समय में भारतीय कृषि के भविष्य को बदल सकते हैं।

लुधियाना। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि वैज्ञानिकों और विश्वविद्यालय प्रबंधन को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि किसानों का भरोसा बनाए रखने के लिए उन्हें अपनी नई तकनीकों और बीजों का परीक्षण अपने स्तर पर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों को नए प्रयोग पहले अपनी प्रयोगशालाओं में ही परखने चाहिए और तब तक किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए नहीं प्रेरित करना चाहिए जब तक कि परिणाम पूरी तरह से सकारात्मक न हों।

किसानों का आर्थिक नुकसान रोकने के उपाय

मुख्यमंत्री ने राज्य के किसानों की जो समस्याएँ सामने आई हैं, उन पर चिंता व्यक्त की। किसानों ने अक्सर शिकायत की थी कि वे प्रयोगों के शिकार बनते जा रहे हैं, जिनके असफल होने पर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि किसी भी नई विधि को खेतों में लागू करने से पहले पूरी तरह आश्वस्त होना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान एक उदाहरण प्रस्तुत किया जिसमें कुछ किसानों ने बीज खरीदे थे, लेकिन बाद में उनकी फसलें कीटों का शिकार बन गईं। जब किसानों ने विश्वविद्यालय के समक्ष अपनी शिकायतें कीं, तो उन्हें टालने के बहाने मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसी भी बहाने को स्वीकार नहीं किया जाएगा, यदि विश्वविद्यालय द्वारा दिए गए बीज या तकनीकों में कोई कमी पाई जाती है, तो उस पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

आधुनिक तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने कृषि के क्षेत्र में तेजी से बदलते समय को ध्यान में रखते हुए विभिन्न आधुनिक तरीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि किसान नई तकनीक से जुड़ें ताकि उनकी फसल उत्पादन क्षमता में सुधार हो सके। पंजाब सरकार किसानों की मदद करने के लिए ठोस कदम उठा रही है, जैसे कि किसानों को दिन के समय बिजली की उपलब्धता देना, जिससे उन्हें अपने कृषि कार्यों में राहत मिल सके।

पीएयू को 'ज्ञान का केंद्र' बनाने की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के ढांचे को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कई घोषणाएँ की हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय के अनुसंधान कार्यों को समर्थन देने के लिए राज्य सरकार धन की कमी नहीं होने देगी। उन्होंने इसे किसानों के लिए 'ज्ञान का केंद्र' बताया, जहाँ से बीज, दवाएं और आधुनिक खेती के तरीके विस्तृत जानकारी के साथ उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि किसान और वैज्ञानिक मिलकर काम करेंगे और आधुनिक तकनीकों को अपनाएंगे, तो पंजाब का कृषि क्षेत्र एक बार फिर देश में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएगा। इससे न केवल कृषि में विकास होगा बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि देखने को मिलेगी।

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धन्यवाद,

Team Nainital Samachar, सुमन शर्मा

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