मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का अवैध प्लॉटिंग पर सख्त कार्रवाई का अभियान जारी
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का अवैध प्लॉटिंग पर सख्त कार्रवाई का अभियान जारी
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कम शब्दों में कहें तो, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है और उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में अभियान को 2026 में भी जारी रखा है।
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने हाल ही में प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। वर्ष 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाइयों के बाद, अब 2026 में भी यह अभियान उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के मार्गदर्शन में जारी है। इस पहल का उद्देश्य न केवल भूमि माफियाओं पर अंकुश लगाना है, बल्कि इससे आम नागरिकों को अवैध प्लॉटिंग के नाम पर ठगे जाने से भी बचाया जा सके।
प्राधिकरण द्वारा जारी चेतावनियों के बावजूद, कुछ व्यक्तियों द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। इसी क्रम में, हाल ही में देहरादून के पुरूकुल क्षेत्र में लगभग 40 से 50 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। यहाँ हरीश यादव द्वारा बिना स्वीकृति के सड़कों और भूखंडों का निर्माण किया जा रहा था, जिस पर एमडीडीए ने बुलडोजर चलाया।
यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देश पर की गई थी, जिसमें सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता उमेश वर्मा और अन्य प्राधिकरण के कर्मियों की उपस्थिती रही। यह कार्यवाही सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण रूप से की गई। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का विशेष बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया है कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा, "हमने वर्ष 2025 में रिकॉर्ड ध्वस्तीकरण कार्रवाई की थी, जो यह साबित करती है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हमारी नीति कठोर होगी।" उन्होंने नागरिकों को चेतावनी दी कि अवैध प्लॉट खरीदने से बचें, क्योंकि यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे उनकी आर्थिक सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का दृष्टिकोण
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण की वास्तविकता को बताया। उन्होंने कहा, "हमारी कार्रवाई पूरी तरह से नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की जा रही है। अवैध प्लॉटिंग न केवल मास्टर प्लान के खिलाफ है, बल्कि यह भविष्य में आवश्यक सेवाओं और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।" उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे भूमि सौदों के मामले में जानकारी प्राप्त करने हेतु प्राधिकरण से अवश्य संपर्क करें।
इस प्रकार, एमडीडीए द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान न केवल निर्देश और निवेशकों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है बल्कि इसमें सरकारी आयोग को भी सजीव एवं सक्रिय रखने का प्रयास किया जा रहा है। भारत के अन्य राज्यों में भी ऐसे विकास प्राधिकरणों के लिए यह एक विशेष दृष्टांत हो सकता है।
आगे भी प्राधिकरण द्वारा सतत निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेगी। अब समय आ गया है कि नागरिकों को भी एक सुरक्षा के रूप में अपनी भूमियों की वैधता सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए।
हमेशा अपने सुरक्षा को प्राथमिकता दें और किसी भी भूमि खरीदने से पहले कानून की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। अधिक जानकारी के लिए यहाँ जाएं.
टीम नैनीताल समाचार
दीप्ति शर्मा
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