देहरादून में निहारिका साहित्य मंच का भव्य कवि सम्मेलन संपन्न - साहित्य का अद्भुत संगम
देहरादून में निहारिका साहित्य मंच का भव्य कवि सम्मेलन संपन्न
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कम शब्दों में कहें तो, 06 जून 2026 को देहरादून के उत्तराँचल प्रेस क्लब में निहारिका साहित्य मंच द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन ने साहित्य प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस भव्य आयोजन ने न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को सराहा, बल्कि साहित्य के प्रति गहरी रुचि रखने वालों के लिए एक नया मंच भी प्रदान किया।
इस सम्मेलन का आयोजन निहारिका साहित्य मंच और कंट्री ऑफ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट के सहयोग से किया गया था। इस कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों और रचनाकारों की उल्लेखनीय उपस्थिति देखी गई। मुख्य अतिथि के रूप में फाउंडेशन के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश पत्रकार एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल अजीज सिद्दकी और निहारिका साहित्य मंच की संस्थापिका डॉ. रीमा सिन्हा उपस्थित रहीं। साथ ही, यासमिन आलम खान, जो कि देहरादून नगर अल्पसंख्यक मोर्चा (भाजपा) की अध्यक्ष हैं, भी इस कार्यक्रम की अतिथि रहीं।
साहित्य का दर्पण
मुख्य अतिथि अब्दुल अजीज सिद्दकी ने अपने संबोधन में उल्लेख किया कि “साहित्य समाज को सद्मार्ग की ओर ले जाने में मदद करता है। साहित्य समाज का दर्पण है और समाज की घटनाएँ ही काव्य का रूप लेती हैं।” उनके इस विचार ने साहित्यिक समुदाय में गहरी सोच का संचार किया।
डॉ. रीमा सिन्हा ने देवभूमि उत्तराखण्ड में आकर आत्मीयता का अनुभव साझा किया और बताया कि यहाँ कई उत्कृष्ट रचनाकार हैं जो साहित्य की दुनिया में अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
कार्यक्रम की सफलता को सराहा गया
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. भगत सिंह राणा ‘हिमाद’ ने नरेश चन्द्र उनियाल, संयोजिका रश्मि पोखरियाल ‘मृदुलिका’ और संयोजिका संतोष मिश्रा ‘सोनी’ को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे साहित्यिक आयोजन होते रहने चाहिए ताकि साहित्य को नई ऊर्जा और दिशा मिले।
विशिष्ट अतिथि सुशीला राजपूत और विनीता मैठाणी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि देहरादून में कवि सम्मेलनों का आयोजन अत्यंत आवश्यक है। इससे स्थानीय रचनाकारों और कलमकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर मिलता है।
साहित्य का अद्भुत प्रदर्शन
कार्यक्रम में कविता पाठ करने वाले कवियों में अंजना कंडवाल ‘नैना’, आशा पंवार, डॉ. भगत सिंह राणा ‘हिमाद’, बिमला रावत, डॉ. वन्दना खंडूरी, लक्ष्मी चौहान ‘रोशनी’, नैना कंसवाल, नन्दन राणा ‘नवल’, राधा मैंदोली ‘माधवी’, रक्षा बौडाई, रेखा चतुर्वेदी, सुलोचना परमार, सुनीता ममगाई, सविता जैन, सुशीला राजपूत, विवेक जखमोला ‘शैलेश’, रश्मि पोखरियाल, संतोष मिश्रा ‘सोनी’, डॉ. रीमा सिन्हा, विनीता मैठाणी, ममता जोशी ‘स्नेहा’, दीपक कैत्युरा एवं नरेश चन्द्र उनियाल शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में आयोजक नरेश चन्द्र उनियाल ने सभी अतिथियों, कवियों और उपस्थित साहित्य प्रेमियों का आभार व्यक्त किया।
आधुनिक युग में साहित्य का यह प्रकारांतर साहित्यकारों और पाठकों के बीच एक पुल का कार्य करता है, जिससे वे अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त कर सकें। ऐसे आयोजन न केवल साहित्य को प्रोत्साहित करते हैं बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी ध्यान आकर्षित करते हैं।
साहित्य में रचनात्मकता और विचारों की अभिव्यक्ति का यह अद्भुत संगम भविष्य में भी इस प्रकार के साहित्यक आयोजन को लगातार प्रोत्साहित करेगा।
साहित्यक कार्यक्रमों के महत्व को समझते हुए सभी को इसके प्रचार-प्रसार में सहयोग करना चाहिए।
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सादर,
टीम नैनिताल समाचार
सुजाता भटनागर
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