एम्स ऋषिकेश में राज्य वासियों के लिए विशेष पंजीकरण काउंटर की सुविधा
एम्स ऋषिकेश में राज्य वासियों के लिए विशेष पंजीकरण काउंटर की सुविधा
स्थानीय रोगियों को मिलेगी वरीयता, पंजीकरण और बिलिंग की मिलेगी सुविधा
एम्स ऋषिकेश | 8 जुलाई 2026 |
कम शब्दों में कहें तो, एम्स ऋषिकेश ने उत्तराखंड राज्य के स्थानीय रोगियों के लिए एक अलग ओपीडी पंजीकरण काउंटर की सुविधा शुरू की है। इस नए कदम का उद्देश्य राज्यवासियों को रोगी पंजीकरण और बिलिंग प्रक्रियाओं में सुविधा प्रदान करना है।
इस महत्वपूर्ण उद्घाटन समारोह में एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह, क्षेत्रीय विधायक व पूर्व केबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल ने बताया कि वहाँ रोगियों की बढ़ती संख्या के कारण स्थानीय लोगों को पंजीकरण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि कई बार ऑपरेशन के लिए मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था, जिससे उन्हें अधिक परेशानी होती थी।
प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि यह पंजीकरण काउंटर स्थानीय लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि वे बिना किसी रुकावट के अपनी चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि सभी स्थानीय रोगियों को तुरंत स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, जिससे उनकी चिकित्सा संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।"
विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल ने एम्स प्रशासन का धन्यवाद किया और कहा कि इस काउंटर के खुलने से स्थानीय लोगों को विशेष ध्यान मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे मरीजों की लंबी कतारें कम होंगी और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ होंगी।
इस अवसर पर उप चिकित्सा अधिकारी डाॅ. रवि कुमार, डाॅ. विकास पंवार, संस्थान के पीआरओ डाॅ. संदीप कुमार सिंह, उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी कमांडेंट अनिल चन्द्र सिंह, पीपीएस विनीत कुमार, विश्वजीत कुमार के साथ-साथ स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता और संस्थान का अन्य वरिष्ठ स्टाफ मौजूद रहे।
इस नए काउंटर के संस्थान में कार्यान्वयन से जनहित में बेहतर सेवाओं की उम्मीद जगी है। स्थानीय रोगियों को इस सुविधा का लाभ उठाकर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचने में आसानी होगी।
आगे बढ़ते हुए, यह आवश्यक है कि स्वास्थ्य विभाग ऐसे कदम उठाता रहे, जिससे चिकित्सा सेवाओं को आम लोगों के लिए सुलभ बनाया जा सके। इसके अलावा, लंबी कतारों को कम करने और मरासत समय को घटाने के लिए आधुनिक तकनीकों का भी प्रयोग किया जाना चाहिए। इसके चलते, मरीजों को उपचार में ज्यादा समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा।
स्थानीय चिकित्सकों का कहना है कि इससे न केवल पीड़ितों की सहायता होगी, बल्कि इससे स्वास्थ्य प्रणाली पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। रोगियों को प्राथमिकता मिलने से उनकी समग्र स्वास्थ्य देखभाल में सुधार होगा।
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धन्यवाद,
टीम नैनिताल समाचार
सुषमा देवी
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