भैया दूज पर हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना: एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत, बड़ा बेटा बाल-बाल बचा

Oct 24, 2025 - 08:30
 167  501.8k
भैया दूज पर हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना: एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत, बड़ा बेटा बाल-बाल बचा
भैया दूज पर हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना: एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत, बड़ा बेटा बाल-बाल बचा

भैया दूज पर हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना: एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत, बड़ा बेटा बाल-बाल बचा

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Nainital Samachar

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के चमोली जिले में भैया दूज के दिन एक परिवार के साथ एक भयानक सड़क हादसा हो गया, जिसमें ईई, उनकी पत्नी और छोटे बेटे की जान चली गई, जबकि बड़ा बेटा किसी तरह बच निकला।

दुर्घटना का विवरण

उत्तराखंड में भैया दूज का दिन तब मातम में बदल गया जब गोपेश्वर-पोखरी मार्ग पर एक कार अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस वाहन में चार सदस्य थे, जिसमें से तीन की दुर्घटना के समय मौत हो गई। यह भयानक दुर्घटना उस समय हुई जब परिवार दीपावली के उत्सव के बाद अपने गांव लौट रहा था।

परिवार का Background

चमोली जिले के ग्राम पंचायत विशाल के निवासी अरविंद त्रिपाठी (55) अपने परिवार के साथ दीपावली मनाने ससुराल देवखाल आए थे। बृहस्पतिवार को जब वे अपने गांव लौट रहे थे, तभी उनकी कार एक संकरे मोड़ पर अनियंत्रित हो गई और तेज गति से खाई में गिर गई। दुर्घटना के अंत में जब यह कार भदूड़ा गांव की लिंक रोड पर गिरी, तो तुरंत आग लग गई, जिसने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।

हादसे के असर

ईई अरविंद त्रिपाठी और उनकी पत्नी अनीता त्रिपाठी (51) खाई में गिरने के साथ ही कार से बाहर छिटक गए। हालांकि, अरविंद की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अनीता को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्होंने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया। कार में फंसे छोटे बेटे अनंत त्रिपाठी (21) की आग में जलकर चिंता जनक स्थिति में मौत हो गई। हालाँकि, बड़ा बेटा अंबुज त्रिपाठी (24) कार से बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन वह झुलस गया और उसका इलाज चल रहा है।

आपातकालीन प्रतिक्रिया

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मदद के लिए कदम बढ़ाया। अंबुज और अनीता की मदद के लिए स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंच गए। अंबुज को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया, जबकि अनंत का जला हुआ शव देर शाम तक कार में ही फंसा रहा। शवों को निकालने के लिए एसडीआरएफ और पुलिस ने कटर मशीन का सहारा लिया।

विसंगतियाँ और मातम का माहौल

गांव में इस हादसे की खबर फैलते ही मातम का माहौल छा गया। दीपावली की खुशियां पलभर में शोक में बदल गई। ग्रामीणों की आंखों में आंसू थे और उनके दिलों में एक ही सवाल था - आखिर चंद मीटर की दूरी पर ही परिवार की जिंदगी क्यों थम गई?

पुलिस जांच और भविष्य की सावधानियां

चमोली कोतवाली के निरीक्षक अनुरोध व्यास ने कहा कि घटना की जांच जारी है, लेकिन अभी तक इसकी सटीक वजह का पता नहीं चल पाया है। यह हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति हमारे ध्यान में एक और चेतावनी है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हमें सड़क पर चलने के समय सावधानी बरतनी चाहिए।

इस दर्दनाक हादसे ने साबित कर दिया कि सुरक्षा और सतर्कता हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए। इस घटना से इस बात की आवश्यकता फिर से महसूस होती है कि सभी को सड़क पर सुरक्षित यात्रा करने के लिए उचित सतर्कता बरतनी चाहिए।

अधिक जानकारी के लिए, यहां क्लिक करें.

Team Nainital Samachar, Sudha Mehta

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0