अंकिता भंडारी हत्याकांड: एसआईटी का अहम खुलासा, जांच में वीआईपी का नाम नहीं, उर्मिला सनावर के आरोपों की होगी अलग से जांच
अंकिता भंडारी हत्याकांड: एसआईटी का अहम खुलासा
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कम शब्दों में कहें तो, अंकिता भंडारी हत्याकांड में एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वीआईपी की संलिप्तता नहीं है, और उर्मिला सनावर के आरोपों की अलग से जांच की जाएगी।
देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने हाल ही में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर इस मामले से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा किया। जांच टीम के सदस्य और एसपी देहात हरिद्वार, शेखर सुयाल ने बताया कि अब तक की जांच में किसी भी वीआईपी की संलिप्तता के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।
जांच में वीआईपी की भूमिका का खंडन
एसपी शेखर सुयाल ने कहा कि हत्याकांड के समय यह मामला एक ब्लाइंड केस था जिसने अंकिता की गुमशुदगी से शुरुआत की थी। विशेष जांच टीम ने पहले पांच घंटों के भीतर ही तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एक कथित वीआईपी का जिक्र जरूर आया, लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए ठोस साक्ष्य नहीं पाए गए।
एसपी सुयाल के अनुसार, घटनाक्रम में यह भी सामने आया कि रिजॉर्ट में किसी वीआईपी के आने की चर्चा चल रही थी और अंकिता पर कथित रूप से 'स्पेशल सर्विस' देने का दबाव बनाया गया। जब अंकिता ने इनकार किया, तो उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि अंकिता और उसके मित्र की चैट्स से वीआईपी के जिक्र के आधार पर गहन जांच की गई।’
कथित वीआईपी का नाम और जांच प्रक्रिया
जांच में एक व्यक्ति का नाम, जो नोएडा का निवासी है, धर्मेंद्र उर्फ प्रधान बताया गया। उसे रिजॉर्ट में उपस्थित व्यक्ति के रूप में पहचाना गया, लेकिन एसआईटी ने उसकी मौजूदगी और गतिविधियों की गहन पड़ताल की और कोई आपराधिक साक्ष्य नहीं मिला। एसआईटी को पता चला कि वह केवल जमीन खरीदने के सिलसिले में वहां आया था।
उर्मिला सनावर के आरोपों पर अलग से जांच
इस मामले में अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी का एक अलग दल गठित किया गया है। उर्मिला ने फेसबुक लाइव और ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से आरोप लगाए हैं। उन्हें नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। उनके स्थायी पते की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है, और उन्हें पुलिस सुरक्षा की भी आवश्यकता है।
निष्पक्ष जांच का आश्वासन
एसआईटी के अधिकारी ने बताया कि यह जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष रूप से की जा रही है, और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसआईटी हर संभव प्रयास कर रही है ताकि वास्तविकता सामने आ सके और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में हुए इन खुलासों के बाद समाज में हड़कंप मच गया है। न्याय की मांग तेज हो गई है और लोग मामले की सही जानकारी की अपेक्षा कर रहे हैं।
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Sign off: सुरभि मेहरा, Team Nainital Samachar
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