Uttarakhand: नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकसित उत्तराखंड का भविष्य का खाका पेश किया

Jun 13, 2026 - 08:30
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Uttarakhand: नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकसित उत्तराखंड का भविष्य का खाका पेश किया
Uttarakhand: नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकसित उत्तराखंड का भविष्य का खाका पेश किया

Uttarakhand: नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकसित उत्तराखंड का भविष्य का खाका पेश किया

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर Singh धामी ने नीति आयोग की बैठक में 'विकसित उत्तराखंड' का रोडमैप प्रस्तुत किया, जिसमें राज्य के विकास का एक व्यापक खाका सम्मिलित है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास का व्यापक खाका प्रस्तुत किया। इस बैठक में उन्होंने 'विकसित भारत-2047' के संकल्प को सिद्ध करने के लिए 'विकसित उत्तराखंड' का रोडमैप साझा किया। धामी ने हिमालयी राज्यों की विशिष्ट भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी संरक्षण और आपदा प्रबंधन के लिए विशेष नीतिगत समर्थन और दीर्घकालिक वित्तीय मदद की आवश्यकता पर जोर दिया।

मानव पूंजी और शिक्षा पर जोर

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मानव पूंजी ही किसी भी राष्ट्र के विकास का मुख्य आधार होती है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए कहा कि वे मानव संसाधन विकास, उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, कौशल विकास और युवाओं के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

राज्य में प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक व्यापक सुधार किए गए हैं। हजारों आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है और विद्यालयों में स्मार्ट व वर्चुअल क्लासरूम के माध्यम से शिक्षा को डिजिटल बनाया जा रहा है। उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि युवा केवल नौकरी पाने वाले न बनकर रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी बनें।

आधुनिक तकनीकों की तरफ बढ़ते कदम

मुख्यमंत्री ने भविष्य की तकनीकों पर ज़ोर देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में युवाओं को दक्ष बनाने के लिए 'देवभूमि उद्यमिता विकास योजना' और 'स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम' जैसी पहल शुरू की गई हैं।

साथ ही आईटीआई संस्थानों को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कृषि, उद्योग, पर्यटन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को एकीकृत कर एक समन्वित विकास modèle पर काम कर रही है। इसके सकारात्मक परिणाम राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि के रूप में दिख रहे हैं।

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था का संतुलन

पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के संतुलन पर बात करते हुए धामी ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक खेती, आयुष, योग, वेलनेस और ग्रीन एनर्जी को अपने विकास का मुख्य इंजन बना रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमालय, गंगा और विशाल वन क्षेत्र केवल उत्तराखंड की नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य संपत्ति हैं। इसलिए हिमालयी राज्यों में कार्बन न्यूट्रालिटी और पर्वतीय बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र की ओर से विशेष सहायता आवश्यक है।

सुशासन के दिशा में ठोस कदम

सुशासन के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने 'देवभूमि परिवार पहचान योजना' और खनन क्षेत्र में डिजिटल निगरानी जैसी पारदर्शी प्रणालियों का उल्लेख किया। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 'पीरूल' आधारित बिजली उत्पादन जैसे नवाचारों को पर्यावरण और रोजगार दोनों के लिए लाभकारी बताया।

आगामी कार्यक्रमों का निमंत्रण

बैठक के अंत में पुष्कर सिंह धामी ने नरेंद्र मोदी को उनके ऐतिहासिक कार्यकाल और निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं नीति आयोग के सदस्यों को अगले वर्ष उत्तराखंड में आयोजित होने वाले भव्य कुंभ मेले और 'नंदा राजजात यात्रा' में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया।

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— Team Nainital Samachar, प्रियंका तिवारी

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