माँ वाराही धाम का भव्य पुनर्निर्माण: आस्था और पर्यटन का नया केंद्र बनेगा - मुख्यमंत्री धामी

May 17, 2026 - 08:30
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माँ वाराही धाम का भव्य पुनर्निर्माण: आस्था और पर्यटन का नया केंद्र बनेगा - मुख्यमंत्री धामी
माँ वाराही धाम का भव्य पुनर्निर्माण: आस्था और पर्यटन का नया केंद्र बनेगा - मुख्यमंत्री धामी

माँ वाराही धाम का भव्य पुनर्निर्माण: आस्था और पर्यटन का नया केंद्र बनेगा - मुख्यमंत्री धामी

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कम शब्दों में कहें तो माँ वाराही धाम का भव्य एवं दिव्य कायाकल्प, धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचान।

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज चम्पावत जिले के माँ वाराही शक्तिपीठ धाम, देवीधुरा का दौरा करते हुए मंदिर के नवनिर्माण और विकास कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर की विशेषताओं पर ध्यान देते हुए बताया कि यह स्थान न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक भी है।

मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि वाराही धाम का विकास पौराणिक गरिमा एवं मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए किया जाएगा। उन्होंने सुनिश्चित किया कि इस धाम में श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि लोग एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर सकें।

धार्मिक पर्यटन के लिए नया दृष्टिकोण

धामी ने आगे कहा कि माँ वाराही धाम भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा। इससे स्थानीय क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। इस धाम का विकास न केवल सप्ताहांत पर्यटकों को खींचेगा, बल्कि धार्मिक स्थलों की एक विस्तृत श्रृंखला भी पेश करेगा।

नवीनतम योजनाओं का विवरण

मुख्यमंत्री ने जानकारी साझा की कि माँ वाराही मंदिर के नवनिर्माण का कार्य ₹15 करोड़ की लागत से किया जाएगा। यह कार्य चार खाम सात थोक एवं माँ वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट के माध्यम से अगले दो से तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा। निर्माण में राजस्थान के नक्काशीदार पत्थरों का प्रयोग किया जाएगा, जबकि मंदिर की स्थापत्य कला का कार्य गुजरात के प्रवीण कारीगरों द्वारा संपन्न किया जाएगा।

सीएम धामी ने विशेष रूप से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। यह ध्यान से देखा जाना चाहिए कि मंदिर का विकास केवल आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह स्थानीय समुदाय के लिए भी लाभकारी होगा।

सामाजिक आर्थिक प्रभाव

इस महत्वाकांक्षी परियोजना से स्थानीय युवा व्यवसायी और श्रमिक वर्ग को काम मिलने की संभावनाएं हैं। पर्यटन के विकास से नौकरियों का सृजन होगा और इससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। हाल के वर्षों में, धार्मिक पर्यटन ने उत्तराखंड में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और माँ वाराही धाम की योजना इसे और बढ़ावा देने के लिए सुनहरे अवसर प्रदान करेगी।

इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, माँ वाराही मंदिर समिति के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया आदि शामिल थे।

मुख्यमंत्री धामी का यह दौरा निश्चित रूप से उत्तराखंड के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के पुनर्निर्माण के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

इसके अलावा, धामी ने इस अवसर पर जगदीश चंद्र गहतोड़ी ‘नवनीत’ की पुस्तक “निपुण का संगीत” भी प्राप्त की, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से संबंधित है।

अंत में, माँ वाराही धाम का पुनर्निर्माण केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक एवं आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनकर उभरेगा।

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— Team Nainital Samachar द्वारा राधिका शर्मा

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