बछेंद्री पाल ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 10 लाख का योगदान दिया
बछेंद्री पाल का 10 लाख का योगदान: समाजसेवा की नई मिसाल
कम शब्दों में कहें तो, प्रसिद्ध पर्वतारोही बछेंद्री पाल ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 लाख रुपए का योगदान देकर समाजसेवा की एक नई मिसाल पेश की है।
देहरादून, शनिवार। विश्वप्रसिद्ध पर्वतारोही और पद्मभूषण सम्मान से नवाजी गई बछेंद्री पाल ने समाजसेवा की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 10 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। यह चेक राज्य महिला उद्यमिता परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती विनोद उनियाल की ओर से मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
मुख्यमंत्री ने बछेंद्री पाल के इस सामाजिक योगदान और संवेदनशील पहल के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि "संकट की इस घड़ी में सहयोग और सेवा की भावना ही समाज को सशक्त बनाती है।" उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे योगदान न केवल जरूरतमंदों की मदद करते हैं, बल्कि जनहित और परोपकार की भावना को भी प्रेरित करते हैं।
समाजसेवा का कार्य: बछेंद्री पाल की प्रेरणा
बछेंद्री पाल का यह योगदान निसंदेह उन सभी के लिए एक प्रेरणा है जो कठिनाइयों के समय में भी दूसरों की मदद करने की सोच रखते हैं। उनके जैसे व्यक्तित्व समाज में ऐसे कार्यों को प्रोत्साहित करते हैं। उनके योगदान ने यह साबित कर दिया है कि किसी भी संकट में हम सबका जिम्मेदारी है कि हम एक-दूसरे की मदद करें।
बछेंद्री पाल की प्रसिद्धि उनके पर्वतारोहण के अनगिनत कीर्तियों से है। वे न केवल भारत की पहली महिला हैं जिन्होंने एवरस्ट की चोटी को सफलतापूर्वक चढ़ाई की है, बल्कि वे एक प्रेरक वक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं।
मुख्यमंत्री राहत कोष का महत्व
मुख्यमंत्री राहत कोष उन सभी जरूरतमंदों के लिए एक सहारा बनता है, जो विभिन्न संकटों, जैसे प्राकृतिक आपदाएँ या अन्य आपात स्थितियों में बेहद कठिनाइयों का सामना कर रहे होते हैं। ऐसे कोषों का संचालन केवल सरकार के प्रयासों से नहीं होता, बल्कि समाज के हर वर्ग के सहयोग की भी आवश्यकता होती है।
इस प्रकार का योगदान यह दर्शाता है कि किस प्रकार सामूहिक प्रयासों से हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं। बछेंद्री पाल के इस योगदान से प्रेरणा लेकर और भी लोग आगे आ सकते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
अंतिम शब्द
बछेंद्री पाल का यह योगदान न केवल उनके व्यक्तित्व को उजागर करता है, बल्कि यह हमें यह भी सिखाता है कि हम सभी को अपनी सामर्थ्य का उपयोग करने की आवश्यकता है। संकट के समय में हमारी मदद न केवल दूसरों तक पहुँचती है, बल्कि यह हमें सामाजिक जिम्मेदारी का एहसास भी कराती है।
अगर आप भी इस प्रकार के सामाजिक कार्यों में रुचि रखते हैं या और अधिक जानना चाहते हैं तो आप हमारी वेबसाइट Nainital Samachar पर विजिट कर सकते हैं।
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Nainital Samachar
सादर,
टीम नैनीताल समाचार - सुष्मा देवी
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0