हिमाचल विधानसभा में पंचायत चुनावों पर बवाल, सीएम सुक्खू ने किया स्पष्टीकरण

Nov 28, 2025 - 08:30
 144  501.8k
हिमाचल विधानसभा में पंचायत चुनावों पर बवाल, सीएम सुक्खू ने किया स्पष्टीकरण
हिमाचल विधानसभा में पंचायत चुनावों पर बवाल, सीएम सुक्खू ने किया स्पष्टीकरण

धर्मशाला: हिमाचल विधानसभा का शीतकालीन सत्र हंगामेदार

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Nainital Samachar

कम शब्दों में कहें तो, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन तीखे विवाद और चर्चाओं से भरा रहा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन एक्ट खत्म होते ही पंचायत चुनावों का आयोजन किया जाएगा।

धर्मशाला में स्थित विधानसभा सदन में मंगलवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लंबी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने प्रश्नकाल की शुरुआत की मांग की, जबकि सरकार ने पंचायत चुनावों पर चर्चा को प्राथमिकता दी। हालांकि, अंत में पंचायत चुनावों पर चर्चा शुरू हुई, जिसका समापन मुख्यमंत्री सुक्खू की टिप्पणी के साथ हुआ।

मुख्यमंत्री का जवाब और विपक्ष का आरोप

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि आपदा प्रबंधन एक्ट को हटाने के बाद ही पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस एक्ट का प्रभाव राज्य निर्वाचन आयोग पर भी पड़ता है। उनका कहना था कि पंचायतों का पुनर्गठन और वार्डबंदी की प्रक्रिया जून में शुरू की गई थी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि पंचायत चुनावों को स्थगित नहीं किया गया है, बल्कि आपदा एक्ट और बंद सड़कों के कारण इसको थोड़ा टाला गया है।

सुक्खू ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, "क्या भाजपा माइनस 40 डिग्री तापमान में चुनाव करवाना चाहती है? चुनाव के लिए मतदान प्रतिशत भी अच्छा होना चाहिए।" उनका कहना था कि कई ऐसी पंचायतें हैं जिनका पुनर्गठन अभी बाकी है।

विपक्ष की प्रतिक्रियाएँ और वार्ता का माहौल

चर्चा के दौरान, मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी तंज कसते हुए कहा कि वे अपनी पहली कैबिनेट में इस सरकार के फैसलों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने मज़ाक करते हुए कहा, "जयराम जी, आपकी पहली कैबिनेट 2027 में होगी या 2028 में, यह किसी को नहीं पता।" इस प्रकार की टिप्पणियां सदन में मजेदार माहौल बनाने में सफल रही।

सदन में माहौल उस समय गरम हो गया जब राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पूर्व भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान प्रदेश को 'कबाड़' बना दिया। इस बयान के बाद सदन में भारी हंगामा हुआ और पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके कारण कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक स्थगित करना पड़ा।

विपक्ष ने इस बयान पर नाराजगी जताते हुए सदन में नारेबाजी की और भोजन अवकाश के बाद जब नेगी बोलने खड़े हुए तो विपक्ष ने उनका बहिष्कार कर दिया। इस प्रकार का हंगामा सदन के गंभीर माहौल का परिचायक था।

सदन की कार्यवाही और आगे की चुनौतियाँ

अंत में, मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने एक बार फिर नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर जाने का निर्णय लिया। विपक्ष की गैरमौजूदगी में प्रस्ताव को सहमति दे दी गई। इसे पूर्वी बहस के दौरान जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार विधायकों के सवालों से बच रही है, जबकि मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और विपक्ष ही चर्चा से भाग रहा है।

इस प्रकार, हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पंचायत चुनावों के मुद्दे पर खींचतान और विवाद का सिलसिला जारी है। यह सत्र न केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक का गवाह है, अपितु यह विधानसभा में राजनीतिक पृष्ठभूमि की व्यापकता को भी दर्शाता है।

अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.

Team Nainital Samachar - नेहा शर्मा

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0