हरिद्वार में भ्रष्टाचार का खुलासा: 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ धरी गई आंगनबाड़ी सुपरवाइजर

Mar 26, 2026 - 08:30
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हरिद्वार में भ्रष्टाचार का खुलासा: 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ धरी गई आंगनबाड़ी सुपरवाइजर

हरिद्वार में भ्रष्टाचार का खुलासा: 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ धरी गई आंगनबाड़ी सुपरवाइजर

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कम शब्दों में कहें तो, हरिद्वार में एक महिला आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन में हलचल मचा दी है।

रुड़की/हरिद्वार: हरिद्वार जिले में विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जैसे ही यह मामला आस-पास के अधिकारियों के बीच उजागर हुआ, महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मच गया।

सुपरवाइजर पर प्रमोशन के नाम पर वसूली का आरोप

जानकारी के अनुसार, रुड़की के बाल विकास अधिकारी कार्यालय (ग्रामीण द्वितीय) में तैनात सुपरवाइजर राखी सैनी पर आरोप है कि उन्होंने एक आंगनबाड़ी सहायिका से प्रमोशन कराने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित सहायिका ने इस संदर्भ में शिकायत देहरादून के सतर्कता विभाग में की, जिसके पश्चात विजिलेंस टीम ने मामले की गहराई से जांच की और शिकार के लिए जाल बिछाया।

घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार

बुधवार (25 मार्च) को जैसे ही आंगनबाड़ी सहायिका ने आरोपी सुपरवाइजर को रिश्वत की राशि सौंपी, उसी समय मौके पर मौजूद विजिलेंस टीम ने तत्परता के साथ कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह संपूर्ण कार्रवाई अत्यंत गोपनीयता से की गई।

भ्रष्टाचार का बड़ा सबूत

बताया जा रहा है कि रिश्वत की रकम ही आरोपी के खिलाफ महत्वपूर्ण सबूत बनी है। इसी मामले में विकास भवन रोशनाबाद स्थित डीपीओ के एक अन्य अधिकारी का नाम भी सामने आया है, जिसकी भूमिका की जांच भी जारी है। विजिलेंस टीम इस पूरे भ्रष्टाचार के नेटवर्क को जोड़ने की कोशिश में जुटी है, जिससे मामले के और भी पहलुओं का खुलासा हो सके।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है, और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी भय और चिंता का माहौल बन गया है। यह घटना प्रशासकीय भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल है, जो अन्य भ्रष्टाचारियों के लिए एक चेतावनी बन सकती है।

इस मामले के प्रकाश में आने के बाद, भ्रष्टाचार कम करने के लिए सरकार और प्रशासन के स्तर पर क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे, ये देखना महत्वपूर्ण होगा। ऐसी घटनाएँ न केवल समाज में विश्वास को कमजोर करती हैं, बल्कि विकास के रास्ते में भी रुकावट डालती हैं।

भ्रष्टाचार को रोकने के लिए नागरिकों को भी सतर्क रहना होगा और ऐसी घटनाओं की सूचना संबंधित विभागों को देनी चाहिए। अधिक अपडेट के लिए यहां क्लिक करें।

सादर, टीम निनीताल समाचार (लक्ष्मी देवी)

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