मुख्यमंत्री धामी ने ₹185.20 करोड़ से शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण का शुभारंभ किया - आस्था, धरोहर और विकास का संगम

Oct 26, 2025 - 08:30
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मुख्यमंत्री धामी ने ₹185.20 करोड़ से शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण का शुभारंभ किया - आस्था, धरोहर और विकास का संगम
मुख्यमंत्री धामी ने ₹185.20 करोड़ से शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण का शुभारंभ किया - आस्था, धरोहर और विकास का संगम

मुख्यमंत्री धामी का ऐतिहासिक कदम: ₹185.20 करोड़ की शारदा कॉरिडोर परियोजना का शुभारंभ

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा घाट, टनकपुर में आयोजित एक प्रभावशाली कार्यक्रम के दौरान ₹185.20 करोड़ की लागत से बन रहे शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण का शुभारंभ किया। इस परियोजना को आस्था, धरोहर और विकास के संगम के रूप में देखा जा रहा है।

शुक्रवार को, मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा की कि शारदा कॉरिडोर का यह कार्य हमारी सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने, प्राकृतिक सौंदर्यता को बढ़ाने और स्थानीय जनों के रोजगार के अवसरों को सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

शारदा कॉरिडोर का उद्देश्य

सीएम धामी ने बताया कि शारदा कॉरिडोर का प्राथमिक उद्देश्य बनबसा से माता रंकोची तक की घाटी को धार्मिक, प्राकृतिक और आर्थिक विकास के एक सुंदर संगम के रूप में विकसित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल आस्था का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि यहाँ की भूमि पर लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि और अवसरों की नई धारा भी प्रवाहित होगी।

पुनर्विकास परियोजना के प्रमुख कार्य

प्रथम चरण में, शारदा घाट पुनर्विकास परियोजना के अंतर्गत शारदा नदी के तट को पर्यावरण-संवेदनशील, स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए कई कार्य किए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:

  • सुरक्षित स्नान घाट का निर्माण
  • आरती स्थल का विकास
  • स्वच्छता और विश्राम की सुविधाएँ
  • सुंदर घाट का निर्माण
  • सुगम पहुँच मार्ग और पैदल पथ का विकास
  • प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण कार्य

आधुनिक तकनीक का प्रयोग

मुख्यमंत्री ने बताया कि आरती स्थल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा। इसमें रेनवाटर हार्वेस्टिंग और फ्लोर कूलिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएँ होंगी। बाढ़ प्रतिरोधी संरचनाएँ नदी के प्रवाह को नियंत्रित कर आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी।

धार्मिक पर्यटन और रोजगार की नई संभावनाएँ

धामी के अनुसार, यह परियोजना धार्मिक पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के सृजन में नई गति लाने वाली है। उन्होंने इसे सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से अद्वितीय मॉडल माना, जो पूरे क्षेत्र के लिए विकास का प्रतीक बनेगा।

वन भूमि और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शारदा कॉरिडोर परियोजना के कुछ क्षेत्र वन भूमि में आते हैं। इसके लिए वन विभाग के साथ भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया प्रगति पर है। साथ ही, डांडा और चूका जैसे राजस्व भूमि वाले क्षेत्रों का हस्तांतरण शीघ्र पूरा किया जाएगा।

स्थानीय नागरिकों की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का विकास जन-सहभागिता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के साथ किया जाएगा। उन्होंने स्थानीय नागरिकों की राय और भागीदारी को सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

अंत में एक संकल्प

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, "शारदा कॉरिडोर केवल भौगोलिक विकास नहीं है, यह हमारी आस्था और आत्मा का पुनर्जागरण है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐसा उदाहरण बनेगा, जहाँ परंपरा और प्रगति, आस्था और आधुनिकता एक साथ चलें।"

इस प्रतीक्षाकृत परियोजना के शुभारंभ समारोह में दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, District Panchayat अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, चंपावत ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

इस महत्वपूर्ण परियोजना के बारे में और अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहाँ क्लिक करें

सादर, टीम नैनिताल समाचार

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