महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल: अपणु घर होम-स्टे की सफलता की कहानी

Dec 29, 2025 - 08:30
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महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल: अपणु घर होम-स्टे की सफलता की कहानी
महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल: अपणु घर होम-स्टे की सफलता की कहानी

महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल: अपणु घर होम-स्टे की सफलता की कहानी

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कम शब्दों में कहें तो, जिले के मक्कूमठ क्षेत्र में मातृशक्तियों द्वारा संचालित अपणु घर होम-स्टे ने आत्मनिर्भरता का एक नया मानक स्थापित किया है, जो न केवल उनकी आर्थिकी को सशक्त बना रहा है बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी विकसित कर रहा है।

रुद्रप्रयाग जिले के मक्कूमठ क्षेत्र में महिलाओं के लिए एक अनूठा होम-स्टे मॉडल विकास का प्रतीक बन गया है। इस अनोखे होम-स्टे का संचालन स्थानीय महिलाएं स्वयं ही कर रही हैं, जो पहाड़ी क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करता है।

होम-स्टे योजना का प्रभाव

पहाड़ी जिलों में होम-स्टे योजना की सफलता के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत कर रही है बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ा रही है।

मक्कूमठ के अपणु घर होम-स्टे का संचालन करने वाली 6 महिलाओं ने मिलकर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया है। यह होम-स्टे पूरी तरह से स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और आतिथ्य का आदान-प्रदान करता है, जिससे यात्री यहां आने के लिए आकर्षित होते हैं। महिलाएं न केवल अतिथि सत्कार का काम कर रही हैं बल्कि सफाई, प्रबंधन और रोज़मर्रा के संचालन का भी जिम्मा उठा रही हैं।

ऑनलाइन बुकिंग के फायदे

खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ, अनुष्का ने कहा कि इन होम-स्टे को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे घर बैठे ही बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। इससे दूर-दराज से लोग यहां घूमने के लिए आ रहे हैं, जिसे देखते हुए महिलाओं की आय में भी वृद्धि हो रही है।

इस प्रकार की योजना अन्य गांवों में भी लागू करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

वित्तीय सहायता और समाज में परिवर्तन

अपणु घर होम-स्टे के निर्माण और विकास में बाल विकास विभाग, हिमोत्थान सोसायटी तथा मनरेगा जैसी योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। इससे महिलाओं को स्वरोजगार का स्थायी माध्यम मिला है, जो उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ा रहा है।

मक्कूमठ का यह होम-स्टे न केवल स्थानीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि महिला सशक्तिकरण के लिए प्रेरणास्रोत भी बन रहा है। यह पहल आत्मनिर्भर उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सिर्फ यही नहीं, यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक साधनों से सुसज्जित कर उन्हें समाज में एक मजबूत स्थान प्रदान कर रहा है।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

यह योजना न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सशक्त कर रही है, बल्कि उनके समाज में स्थिति को भी महत्वपूर्ण रूप से बदल रही है। महिलाएं अब केवल अपने परिवार की मदद ही नहीं कर रही हैं, बल्कि पूरे गांव की अर्थव्यवस्था को संचालित करने में भी योगदान दे रही हैं।

इस सफलता की कहानी ने कई अन्य महिलाओं को भी प्रोत्साहित किया है कि वे भी आगे बढ़ें और अपने व्यवसाय की शुरुआत करें।

इस होम-स्टे मॉडल का उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण के उदाहरण प्रस्तुत करना भी है।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि अपणु घर होम-स्टे ने साबित कर दिया है कि जब महिलाएं एकजुट होती हैं, तो वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं और आत्मनिर्भरता की नई राह प्रशस्त कर सकती हैं।

इस प्रकार की योजनाएं न केवल महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक हैं, बल्कि यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

इसके लिए हम सभी को एकजुट होकर इन पहलों का समर्थन करना चाहिए।

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सादर, टीम नैनिताल समाचार

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