देहरादून: फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण-पत्र से MBBS दाखिले की जांच, SIT का गठन
फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण-पत्र से MBBS दाखिले का मामला, SIT ने शुरू की गहन जांच
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Nainital Samachar
देहरादून, 19 सितंबर 2026। NEET-UG 2025 के माध्यम से एमबीबीएस में प्रवेश लेने के लिए कथित तौर पर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल किए जाने के मामले में देहरादून पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून पुलिस ने एमबीबीएस दाखिले से जुड़े फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण-पत्र के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की स्थापना कर दी है। पुलिस की पड़ताल में कई साक्ष्य मिले हैं, जो इस घोटाले की गंभीरता को दर्शाते हैं।
विशेष जांच दल (SIT) का गठन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर 18 सितंबर 2026 को किया गया था, जिसका नेतृत्व पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश कर रहे हैं।
प्रकरण की पृष्ठभूमि
मामले की जानकारी के अनुसार, थाना क्लेमेंटाउन और थाना रायपुर में फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, धर्मवीर नाम के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण-पत्र का लाभ लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने एमबीबीएस में प्रवेश लिया। पुलिस ने धर्मवीर के परिजनों से भी संपर्क किया और उनके बयान दर्ज किए।
जांच की दिशा
जांच के दौरान SIT ने यह पाया कि संबंधित अभ्यर्थियों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। SIT ने प्रमाण-पत्र से जुड़े राजस्व अभिलेखों की पुष्टि करने के लिए पटवारी के बयान भी दर्ज किए हैं। प्रकरण में शामिल अभ्यर्थियों के पते का सत्यापन करने पर, चारों अभियुक्तों के पता फर्जी पाए गए।
पुलिस ने कहा है कि प्रमाण-पत्र के वैधता की पुष्टि करने के लिए संबंधित विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से भी पत्राचार किया गया है। सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों का विधि के अनुसार संकलन किया जा रहा है।
सख्त कानूनी कार्रवाई
SSP देहरादून ने कहा कि इस प्रकरण की जांच पूरी निष्पक्षता एवं प्रमाणिकता के साथ की जा रही है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शैक्षणिक प्रवेश या आरक्षण का अनुचित लाभ लिया गया है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
समुदाय का जागरूकता
ऐसी घटनाएँ समाज में शिक्षा के प्रति अविश्वास बढ़ाती हैं। नागरिकों को इस मुद्दे पर सतर्क रहने की आवश्यकता है। शिक्षा का क्षेत्र सभी के लिए खुला होना चाहिए और फर्जी दस्तावेजों का उपयोग इसे गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
पुलिस द्वारा की जा रही इस जांच ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में निरंतरता का पालन करना कितना आवश्यक है। नागरिकों को अपनी जिम्मेदारियों का ध्यान रखना चाहिए ताकि इस प्रकार के अपराध रोके जा सकें।
इसके अतिरिक्त, जांच की प्रगति और अपडेट्स के लिए, हम सभी पाठकों को हमारे पोर्टल Nainital Samachar पर जाने की सलाह देते हैं।
सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच जारी है और उम्मीद है कि न्याय मिले।
आपका धन्यवाद,
टीम नैनीताल समाचार (नेपालिका)
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0