जिला प्रशासन ने आशारोड़ी-झाझरा एवं रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड कॉरीडोर की कार्रवाई तेज की
जिला प्रशासन ने आशारोड़ी-झाझरा एवं रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड कॉरीडोर की कार्रवाई तेज की
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कम शब्दों में कहें तो, जिला प्रशासन ने आशारोड़ी-झाझरा और रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड कॉरीडोर परियोजना की गति तेज कर दी है। जिलाधिकारी ने भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास में जरूरी तेजी लाने के आदेश दिए हैं।
इस संदर्भ में, जिलाधिकारी ने कहा कि इस परियोजना को सिर्फ गति ही नहीं, बल्कि प्रगति की भी आवश्यकता है।
हाल ही में, जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में एक समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को समय पर पूरा किया जाए।
भूप्रदेश में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव
जिलाधिकारी ने बताया कि रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना, मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है। यह रोड देहरादून के बढ़ते ट्रैफिक को कम करने और कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। डीएम ने नगर निगम और एमडीडीए को तुरंत भूमि का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों को प्रभावित भूमि का पूरा विवरण तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए।
बुनियादी सुविधाओं में सुधार
इस परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित भूमि का सर्वेक्षण करते हुए, लोनिवि और राजस्व अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना का शीघ्र प्रकाशन किया जाएगा।
बैठक के दौरान यह भी चर्चा हुई कि एनएच-7 आशारोड़ी-झाझरा परियोजना में मुकाबले के लिए संबंध स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाए। जिलाधिकारी ने एनएच अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मौके पर जाकर समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करें।
संरचनाओं व भूमि का विवरण
रिस्पना परियोजना में 49.04 हैक्टेयर भूमि प्रभावित होगी, जिसमें 1022 संरचनाएं शामिल हैं। वहीं, बिंदाल कॉरिडोर की कुल प्रभावी भूमि 55.90 हैक्टेयर है, जिसमें 1656 संरचनाएं शामिल हैं। यह जानकारी लोनिवि ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों में एसएलएओ स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, और एनएचएआई के आरडी विशाल गुप्ता शामिल थे। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी भूमिकाओं के प्रति सजग रहने का निर्देश देते हुए अंत में कहा कि इस परियोजना का समुचित कार्यान्वयन हम सभी के लिए आवश्यक है।
इस महत्वपूर्ण जानकारी के साथ, हमें उम्मीद है कि यह परियोजना जल्दी से आगे बढ़ेगी और देहरादून में ट्रैफिक समस्या के समाधान में सहायक होगी।
इस समाचार को पढ़ने के लिए धन्यवाद। आगामी अपडेट के लिए, हमारी वेबसाइट Nainital Samachar पर अवश्य जाइए।
सादर,
टीम नैनिताल समाचार
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