उत्तराखंड में तीन नए जिला सहकारी बैंक खुलेंगे: डॉ. धन सिंह रावत
उत्तराखंड में तीन नए जिला सहकारी बैंक खुलेंगे: डॉ. धन सिंह रावत
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में सहकारी बैंकों का विस्तार हो रहा है, जिससे लोगों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं प्राप्त होंगी।
देहरादून: उत्तराखंड में सहकारिता तंत्र को मजबूती देने के उद्देश्य से सरकार ने तीन जनपदों में नए जिला सहकारी बैंकों की स्थापना और 55 नई शाखाओं के उद्घाटन की घोषणा की है। इस पहल से प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं सुलभता से उपलब्ध होंगी, जिससे सहकारिता आंदोलन को नई गति मिलेगी।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर राज्य सहकारी बैंक और जिला सहकारी बैंकों की एक वर्चुअल समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में राज्य सहकारी बैंक और सभी जिला सहकारी बैंकों के महाप्रबंधकों के अलावा, सभी जनपदों के सहायक निबंधक भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान, डॉ. रावत ने एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों) की वसूली को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सभी महाप्रबंधकों को आदेश दिया कि वे अगले 15 दिनों में युद्ध स्तर पर वसूली अभियान चलाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी निर्धारित लक्ष्य को पूरा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एनपीए वसूली पर सख्त रुख
मंत्री ने कहा कि एनपीए वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी जनपद में वसूली के दौरान कोई ढिलाई पाई जाती है, तो संबंधित सहायक निबंधक और बैंक के महाप्रबंधक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. रावत ने बताया कि वह खुद मार्च माह में हर पांच दिन में समीक्षा बैठक आयोजित करेंगे और एनपीए वसूली की प्रगति रिपोर्ट लेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि 30 मार्च के बाद जिन जनपदों में वसूली की प्रगति संतोषजनक नहीं होगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सुविधाओं में होगी पारदर्शिता
डॉ. रावत ने निर्देश दिए कि 1 अप्रैल से प्रदेश की शीर्ष सहकारी समितियों में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी। इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और अनुशासन का पालन होगा। इसके अलावा, प्रभारी अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में सहकारी समितियों की बैठकें आयोजित करने और ग्राउंड जीरो पर जाकर निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया गया है।
समाजिक उद्देश्य
यह सभी प्रयास सहकारिता तंत्र को अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाने के लिए हैं। सहकारिता मंत्री ने कहा कि वह इस पूरी प्रक्रिया की व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि सहकारिता को मजबूत किया जा सके।
वर्चुअल बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस वर्चुअल बैठक में निबंधक सहकारी समितियां डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, और प्रबंध निदेशक राज्य सहकारी बैंक प्रदीप मेहरोत्रा उपस्थित थे। इस महत्वपूर्ण बैठक ने सहकारी बैंकों के दृष्टिकोण और योजनाओं को प्रगति की दिशा में एक नई रोशनी दी है।
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– टीम नैनीताल समाचार (रीता शर्मा)
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