उत्तराखंड: बिल्ली के बच्चों के विवाद ने चाचा को थाने पहुंचाया
उत्तराखंड: बिल्ली के बच्चों के विवाद ने चाचा को थाने पहुंचाया
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में एक परिवार में बिल्ली के बच्चों को लेकर विवाद ने ऐसा मोड़ लिया कि भतीजी ने अपने चाचा और चाची के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
देहरादून: हाल ही में नेहरू कॉलोनी थानाक्षेत्र के धर्मपुर में एक परिवार के बीच बिल्ली के बच्चों को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि अंततः मामला पुलिस तक पहुंच गया। इस विवाद में भतीजी ने अपने चाचा-चाची और उनके बेटों पर पशु क्रूरता का आरोप लगाया है। उन्हें आरोप है कि इस परिवार ने बिल्ली के बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी दी।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, रश्मि धीमान ने फव्वारा चौक चौकी प्रभारी को 13 अक्टूबर को एक तहरीर दी, जिसमें उन्हें बताया कि इस साल मार्च में एक बिल्ली ने अपने दो बच्चों को उनके घर पर छोड़ दिया था। रश्मि इन बच्चों की देखभाल कर रही थीं। लेकिन उनके चाचा उमेश धीमान और चाची को बिल्ली के बच्चों से मुश्किल थी। उनका मानना था कि बिल्लियां अशुभ होती हैं।
आरोप और पुलिस की कार्रवाई
रश्मि ने आरोप लगाया कि उनके चाचा ने उनकी बिल्लियों को अपनी स्कूटी की डिग्गी में अमानवीय तरीके से बंद कर दिया और कहीं छोड़ दिया। जब उन्होंने इस पर विरोध किया, तो चाची और उनके तीनों बेटों ने घर में घुसकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद रश्मि ने अपने परिवार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की है और इस मामले में पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने इस मामले की पुष्टि की।
पशु क्रूरता का गंभीर मुद्दा
यह मामला केवल पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में पशु क्रूरता के बढ़ते मामलों का संकेत भी है। पशु क्रूरता केवल कानूनी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह मनुष्यता के मूल सिद्धांतों को भी चुनौती देता है। पेट्स के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण न केवल उन्हें सुरक्षित रखने में मदद करता है, बल्कि समाज को भी एक बेहतर स्थान बनाता है।
सामाजिक प्रतिक्रियाएँ
इस मामले ने स्थानीय लोगों को भी चिंतित कर दिया है। कई जानवर प्रेमियों ने इस पर सोशल मीडिया पर अपनी आवाज उठाई है और इसे पशु अधिकारों का उल्लंघन बताया है। वे यह मांग कर रहे हैं कि इस मामले की गहराई से जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जैसा कि सबको पता है, जानवरों के प्रति क्रूरता एक गंभीर अपराध है और इसके लिए कानून में कड़ी सजा का प्रावधान है। ऐसी घटनाएं हमें याद दिलाती है कि हमें अपने चार-legged दोस्तों का सम्मान करना चाहिए।
हर किसी को चाहिए कि वह जानवरों के प्रति अपनी सोच को बदले और उन्हें प्यार दें। इस तरह के मामलों का बढ़ता चलन हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हम सब को इसके खिलाफ कैसे खड़ा होना है।
इस मुद्दे पर और अधिक जानकारी के लिए, कृपया Nainital Samachar पर जाएं।
संध्या कर्तिके द्वारा, Team Nainital Samachar
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