उत्तराखंड: नगरासू गुरुद्वारे पर निहंगों का कब्जा तीसरे दिन भी बना, प्रशासन मुस्तैद

Jun 23, 2026 - 08:30
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उत्तराखंड: नगरासू गुरुद्वारे पर निहंगों का कब्जा तीसरे दिन भी बना, प्रशासन मुस्तैद
उत्तराखंड: नगरासू गुरुद्वारे पर निहंगों का कब्जा तीसरे दिन भी बना, प्रशासन मुस्तैद

उत्तराखंड: नगरासू गुरुद्वारे पर निहंगों का कब्जा तीसरे दिन भी बना, प्रशासन मुस्तैद

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कम शब्दों में कहें तो: रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में निहंग सिखों का तनाव रविवार को भी जारी रहा। प्रशासन हालात को सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के जनपद रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में निहंग सिखों द्वारा कब्जा किए जाने की घटना ने पूरे इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न कर दी है। यह घटना शनिवार को शुरू हुई और अब सोमवार को भी यह जारी है, जिससे प्रशासन और पुलिस को स्थिति को संभालने के लिए सक्रिय रहना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर उपस्थित हैं और सुरक्षा व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए कड़े प्रबंध किए गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

घटनाक्रम की शुरुआत और वर्तमान स्थिति

शनिवार दोपहर लगभग सात से आठ निहंग सिखों ने गुरुद्वारे पर कब्जा कर लिया। निहंगों ने सेवादारों के साथ हाथापाई की और इमारत की छत पर चढ़कर तलवारें लहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने एक सेवादार को बंधक भी बनाया, लेकिन प्रशासन की बातचीत और दबाव के बाद उसे सुरक्षित रिहा कर दिया गया। निहंगों और प्रशासन के बीच बातचीत के कई दौर हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। अधिकारियों का प्रयास है कि वे स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित करें।

विवाद की जड़: कर्णप्रयाग पार्किंग प्रकरण

इस गतिरोध का मुख्य कारण 16 जून को कर्णप्रयाग में पार्किंग मुद्दे को माना जा रहा है, जहां निहंग सिखों और स्थानीय निवासियों के बीच तीखी बहस हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि निहंगों ने तलवारों का प्रयोग किया, जिसमें चार स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने कुछ निहंगों को गिरफ्तार कर लिया, जिनकी रिहाई की मांग प्रदर्शनकारी कर रहे हैं।

गुरुद्वारा प्रबंधन से नाराजगी और चेतावनी

नगरासू गुरुद्वारे पर कब्जा करने वाले निहंगों का आरोप है कि कर्णप्रयाग की घटना के बाद स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन ने उनका समर्थन नहीं किया। उनके अनुसार प्रबंधन ने कोई ठोस विरोध नहीं किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनके प्रियजनों को शीघ्र रिहा नहीं किया गया, तो निहंग उत्तराखंड की ओर बड़ा आंदोलन कर सकते हैं। इस स्थिति ने प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना दिया है।

प्रकरण से जुड़ी मुख्य बातें

  • विवाद की तारीख: 16 जून को कर्णप्रयाग में पार्किंग मुद्दे पर विवाद शुरू हुआ।
  • हिंसक झड़प: कर्णप्रयाग में हुई झड़प में तलवारें चलीं, जिससे 4 लोग घायल हुए।
  • नगरासू में कब्जा: शनिवार दोपहर से निहंगों ने नगरासू गुरुद्वारे को अपने नियंत्रण में लिया।
  • प्रशासन की पहल: एसडीएम और पुलिस उपाधीक्षक सहित आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
  • प्रमुख मांग: कर्णप्रयाग मामले में जेल भेजे गए निहंगों को बिना शर्त रिहा किया जाए।
  • सुरक्षा व्यवस्था: सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और पूरे क्षेत्र की निगरानी जारी है।

प्रशासनिक टीम लगातार विभिन्न पक्षों के साथ बैठकें कर रही है ताकि इस गतिरोध को बिना किसी हिंसा के समाप्त किया जा सके। स्थानीय लोग भी स्थिति के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल नगरासू में सन्नाटा और तनाव दोनों व्याप्त हैं। प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि यह मामला और अधिक तूल न पकड़े।

अधिक जानकारियों के लिए, कृपया देखें: Nainital Samachar

धन्यवाद,
टीम नैनिताल समाचार
साक्षी शर्मा

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