ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा संघर्ष: कुवैत और बहरीन पर मिसाइल हमला
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा संघर्ष: कुवैत और बहरीन पर मिसाइल हमला
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कम शब्दों में कहें तो: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच हालिया संघर्ष ने कुवैत और बहरीन में युद्ध की स्थिति उत्पन्न कर दी है। मिसाइल हमलों ने नागरिक उड्डयन प्रभावित किया है, स्थिति गंभीर बनी हुई है।
नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से आतंकित हो रहे पश्चिम एशिया में एक बार फिर से युद्ध के बादल गहराने लगे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच के तनाव के बीच, शनिवार, 06 जून 2026 की सुबह, हुए भीषण जवाबी हमलों ने संघर्ष विराम की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। इस ताजा सैन्य टकराव में कुवैत और बहरीन को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे गए, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुवैत की रक्षा प्रणालियों को हवा में मिसाइलों को नष्ट करते हुए देखा गया, वहीं बहरीन के रिहायशी इलाकों में युद्ध के सायरन सुनाई दिए। ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फगारी ने अमेरिका को इस पूरे हालात का जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कुवैत की ओर जाने वाले सभी यात्री विमानों को अपना मार्ग बदलने की चेतावनी दी है।
इस सैन्य टकराव का सबसे बड़ा असर नागरिक उड्डयन पर देखने को मिला। फ्लाइट रडार-24 के आंकड़ों के अनुसार, हमले की आशंका के चलते कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कम से कम 24 उड़ानों को रद्द करना पड़ा और 15 से अधिक विमानों में देरी हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुवैत का एयरस्पेस पूरी तरह खाली करवाया गया और कई विमानों के मार्ग को हवा में ही मोड़ दिया गया।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, ईरान ने शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के कुवैत और बहरीन की दिशा में कुल सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर ईरान के चार 'वन-वे अटैक' ड्रोन को मार गिराया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सूचना दी है कि उनकी रक्षा प्रणालियों ने सात में से छह ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही रोक दिया, जबकि सातवीं मिसाइल अपने लक्ष्य पर पहुँचने में विफल रही।
अमेरिकी सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस हमले में किसी भी अमेरिकी सैनिक या नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना (IRNA) और रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुँचाने के दावों को अमेरिकी अधिकारियों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि उन्होंने कुवैत स्थित अमेरिकी सेना के अली अल सलेम एयरबेस और बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान का आरोप है कि यह कार्रवाई उसके ड्रोन गिराए जाने और तटीय निगरानी केंद्रों पर किए गए अमेरिकी हमलों का प्रतिशोध है। इस परिस्थिति के मद्देनज़र, अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है कि अगर यह टकराव तुरंत समाप्त नहीं हुआ, तो यह एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल खाड़ी देशों में हाई अलर्ट जारी है और अमेरिकी सेना अपनी सैन्य संपत्तियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरत रही है।
अब सभी की निगाहें इस स्थिति पर हैं कि क्या यह टकराव और बढ़ेगा या फिर कोई राजनैतिक हल निकलेगा।
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सादर,
श्रीमती सिया शर्मा,
टीम नैनिताल समाचार
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