सीएम धामी ने प्रधानमंत्री के सुझावों के आधार पर भविष्य के विकास के लिए कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

Nov 11, 2025 - 08:30
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सीएम धामी ने प्रधानमंत्री के सुझावों के आधार पर भविष्य के विकास के लिए कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश
सीएम धामी ने प्रधानमंत्री के सुझावों के आधार पर भविष्य के विकास के लिए कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

सीएम धामी ने प्रधानमंत्री के सुझावों के आधार पर भविष्य के विकास के लिए कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखण्ड को ‘स्पिरिचुअल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’ बनाने की दिशा में ठोस रोडमैप तैयार किया जाएगा।

देहरादून – उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के दौरान, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तुत किए गए सुझावों पर उत्तराखण्ड राज्य सरकार ने 25 वर्षों के विकास रोडमैप की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन प्रस्तावित सुझावों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने के आदेश दिए हैं।

उत्तराखण्ड के विकास का स्पष्ट मार्गदर्शन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए विचार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए सही दिशा दिखाते हैं। उत्तराखण्ड की आत्मा उसकी अध्यात्मिकता, पर्यटन और प्राकृतिक संपदा में निहित है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को “स्पिरिचुअल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड” के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

पर्यटन के प्रति अनुकूल दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री धामी ने विचार व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में योग केंद्र, आयुर्वेद केंद्र, नेचुरोपैथी संस्थान और होम-स्टे को मिलाकर एक समग्र पर्यटन एवं वेलनेस पैकेज विकसित किया जाना चाहिए। यह पहल न केवल राज्य के धरोहरों को संरक्षित करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार प्रदान करेगी।

इसी कड़ी में, उन्होंने यह सुझाव दिया कि प्रत्येक वाइब्रेंट विलेज को एक छोटे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहाँ स्थानीय भोजन, संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जा सके।

संस्कृति और मेलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश भी दिए कि राज्य के मेलों और पर्वों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए “वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल” अभियान शुरू किया जाए। इस तरह की योजनाएं न केवल सांस्कृतिक कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देंगी।

हॉर्टिकल्चर और उत्पाद विकास पर ध्यान

पहाड़ी जिलों को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित करने की योजना है जिसमें ब्लूबेरी, कीवी, हर्बल और औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही, फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक उत्पादों से जुड़े एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित करना है, ताकि लोग अपने घरों में ही रोजगार पा सकें।

इको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म का विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थाटन, इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और बारहमासी पर्यटन को समेकित विकास नीति के तहत आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इसके लिए उत्तराखण्ड को एक प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है, जिसमें 5-7 प्रमुख स्थलों को विकसित करने का विचार है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच

जीआई टैग प्राप्त उत्पादों और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के तहत राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने की ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का विज़न 2047 के ‘विकसित भारत’ के अनुरूप है और उत्तराखण्ड इस दिशा में अग्रणी राज्य बनने की क्षमता रखता है।

उन्होंने सभी विभागों से कहा कि वे एक-दूसरे के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विस्तृत रोडमैप और टाइमलाइन आधारित एक्शन प्लान तैयार करें, ताकि इन महत्वाकांक्षी सुझावों को धरातल पर उतारा जा सके।

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टीम नैनिताल समाचार
सुमन कुमारी

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