शिक्षा की नयी राह: होनहार बेटियों का भविष्य संवार रहे जिलाधिकारी सविन

Jan 10, 2026 - 08:30
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शिक्षा की नयी राह: होनहार बेटियों का भविष्य संवार रहे जिलाधिकारी सविन
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शिक्षा की नयी राह: होनहार बेटियों का भविष्य संवार रहे जिलाधिकारी सविन

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कम शब्दों में कहें तो, जिलाधिकारी सविन बंसल ने विषम परिस्थितियों में दो होनहार बेटियों की शिक्षा को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने सीएसआर फंड से उन दोनों बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान की है, जिनके परिवार शिक्षा के लिए गंभीर वित्तीय समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

जीविका अंथवाल और नन्दिनी राजपूत, दोनों बेटियाँ जो खास परिस्थितियों में अपने सपनों की उड़ान भरने की कोशिश कर रही हैं, अब सीएसआर फंड से 1-1 लाख रुपये की सहायता प्राप्त कर रही हैं। जिलाधिकारी सविन के इस प्रयास ने उनके उज्ज्वल भविष्य की संभावना को एक नई दिशा दी है।

जिलाधिकारी सविन की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता

देहरादून, – जिलाधिकारी सविन बंसल ने विषम परिस्थितियों से जूझ रही होनहार बेटियों की शिक्षा को पुनर्जीवित कर उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से उन परिवारों का संबल बनकर उभरने की कोशिश की है, जहां संसाधनों की कमी के बावजूद बेटियों में सपनों की उड़ान भरने का जज्बा मौजूद है।

इसके अंतर्गत, जीविका अंथवाल (बी.कॉम द्वितीय वर्ष) और नंदिनी राजपूत (कक्षा 11) को सीएसआर फंड से 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। पिछले सप्ताह आयोजित प्रोजेक्ट 'नंदा-सुनंदा' के माध्यम से इन दोनों बेटियों की शिक्षा को पुनर्जीवित किया गया है, जो उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

जीविका अंथवाल का संघर्ष

जीविका अंथवाल के पिता गंभीर लीवर रोग से ग्रसित हैं और कई महीनों से आईसीयू में भर्ती हैं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी माता के कंधों पर है, जो सीमित संसाधनों में घर चला रही हैं। शिक्षा के लिए आवश्यक लैपटॉप एवं आर्थिक सहायता हेतु जीविका की माता द्वारा जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया था।

जिलाधिकारी ने उनके परिवार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनके बैंक खाते में 1 लाख रुपये हस्तांतरित किए हैं। इसके अलावा, राइफल फंड से आवश्यक लैपटॉप उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है, ताकि जीविका की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।

नन्दिनी राजपूत की डॉक्टर बनने की ख्वाहिश

नन्दिनी राजपूत कक्षा 11 की छात्रा हैं। उनके पिता का निधन 2018 में हो चुका है, और उनकी माता आंगनवाड़ी कार्यकर्ती हैं। नन्दिनी डॉक्टर बनना चाहती हैं और उनके लिए यह सीएसआर फंड से प्राप्त 1 लाख की राशि उनके सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जिलाधिकारी सविन ने उम्मीद जताई है कि इस धनराशि का सही दिशा में उपयोग होगा और यह दोनों बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सहायक साबित होगा।

जिला प्रशासन का प्रयास

जिलाधिकारी ने कहा कि सीएसआर फंड का उद्देश्य हमेशा जरूरतमंदों की मदद करना है। इसके लिए जिला प्रशासन दृढ़ संकल्पित है कि ऐसे परिवारों की होनहार बेटियों की शिक्षा को जीवित रखेगा। उन्होंने बेटियों को प्रेरणा देते हुए कहा कि वे अपने हौसले और आत्मविश्वास को बनाए रखें और अपने लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ती रहें।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, और बालिकाओं के अभिभावक भी उपस्थित रहे। इस तरह के सकारात्मक प्रयासों से न केवल बेटियों की शिक्षा को नया जीवन मिलता है, बल्कि समाज में भी एक शिक्षा की ‘स्पार्क’ जलती है।

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Team Nainital Samachar
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