‘शिक्षक कवि साहित्यकार नरेश चन्द्र उनियाल को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि’
विद्या वाचस्पति मानद उपाधि से सम्मानित हुए नरेश चन्द्र उनियाल
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के शिक्षाकवि नरेश चन्द्र उनियाल को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि से नवाजा गया है। इस सम्मान से न केवल उनकी साहित्यिक पहचान और बढ़ी है बल्कि यह उनके समर्पण और मेहनत का भी प्रतीक है।
हरिद्वार दिनांक 30-08-2026 को हरिद्वार में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में, उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के अध्यापक, कवि, लेखक, साहित्यकार, सम्पादक और समीक्षक नरेश चन्द्र उनियाल को काशी हिन्दी विद्यापीठ संस्था द्वारा विद्या वाचस्पति (P.hd समतुल्य) मानक उपाधि से सम्मानित किया गया। अब से उन्हें डॉ. नरेश चन्द्र उनियाल के नाम से जाना जाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव का आयोजन
इस संगठित सम्मान समारोह का आयोजन अवधूत मंडल आश्रम में ‘अंतर्राष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुम्भ 2026’ के तहत किया गया। इस अवसर पर अनगिनत सम्मानित विद्वान और साहित्यकार भी उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ. इंद्रजीत सिंह तिवारी ‘निर्भीक’, डॉ. शिवेश्वर दत्त पांडेय और प्रो. समाकांत पांडे शामिल थे।
शोध पत्र का महत्वपूर्ण प्रस्तुतिकरण
इस समारोह में, नरेश चन्द्र उनियाल ने अपने शोध पत्र “उत्तराखंड के पंच प्रयाग: आस्था, संस्कृति और हिमालयी नदी-सभ्यता का अन्तर्सम्बन्ध” विषय पर प्रस्तुति दी। इस विषय पर इसकी गहराई और विषय-वस्तु ने सभी उपस्थितों का ध्यान आकर्षित किया।
सम्मान की अहमियत
इस सम्मान के मिलते ही नरेश चन्द्र उनियाल ने अपने सभी गुरुजनों, मित्रों और शुभचिंतकों का धन्यवाद अदा करते हुए कहा कि यह उनकी मेहनत और लगन का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि उनके जीवन में जिनका मार्गदर्शन रहा, उनके बिना यह संभव नहीं होता।
समुदाय में खुशी की लहर
नरेश चन्द्र उनियाल को यह मानद उपाधि मिलने पर उनकी स्थानीय समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनके शुभचिंतक और समाज के सभी लोग इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
जैसे-जैसे हम साहित्य की ओर बढ़ते हैं, ऐसे साहित्यकारों की आवश्यकता है जो न केवल लिखते हैं बल्कि समाज को जोड़ने का काम भी करते हैं। नरेश चन्द्र उनियाल का कार्य इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
यह सम्मान न केवल उनके लिए बल्कि समस्त उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। उनके कार्यों और उपलब्धियों से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी।
अंत में, हम सभी नरेश चन्द्र उनियाल को इस अद्भुत उपलब्धि के लिए हृदय से बधाई देते हैं। ऐसी आशा है कि वे अपने लेखन एवं शिक्षा के माध्यम से समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
इसके साथ ही, यदि आपको और अपडेट्स और समाचार चाहिए, तो कृपया नैनीताल समाचार पर जाएं।
— सिद्धिका सैनी, टीम नैनीताल समाचार
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