रिस्पना नदी के पुनर्जीवन में नई शुरुआत, डीएम ने स्थापित की टास्कफोर्स; 7 दिनों में मांगा विस्तृत प्रस्ताव
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कम शब्दों में कहें तो, रिस्पना नदी का पुनर्जीवन केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा एक व्यापक पर्यावरणीय मिशन है।
देहरादून – जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने रिस्पना नदी के पुनर्जीवन और संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों से सख्त निर्देश दिए गए कि वे प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। डॉ. चौहान ने स्पष्ट किया कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन केवल सरकारी कदम नहीं है, यह एक जनसहभागिता से भरा पर्यावरणीय मिशन है।
रिस्पना नदी के क्षेत्र का सर्वेक्षण
बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने नगर निगम को निर्देश दिया कि लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में गिरने वाले सभी नालों और गार्बेज प्वाइंट्स का चिन्हीकरण किया जाए। इसके साथ ही, संपूर्ण क्षेत्र का ड्रोन सर्वेक्षण और स्ट्रेचवार सर्वे कराने के निर्देश भी दिए गए ताकि प्रत्येक स्थान पर कूड़े की मात्रा, सफाई व्यवस्था और आवश्यक कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जा सके। यह प्रस्ताव 7 दिनों के भीतर पेश करने को कहा गया है।
विभिन्न विभागों के लिए दिशा-निर्देश
जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को नदी तटों पर घाट निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। लोक निर्माण विभाग को यह निर्देश दिया गया कि प्रस्तावित एलिवेटेड रोड निर्माण के क्षेत्र में आने वाले पिलर्स और अन्य संरचनाओं का तकनीकी प्लान प्रस्तुत किया जाए।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को रिस्पना नदी के पुनर्जीवन के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से एक प्रभावी टास्कफोर्स गठित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि नदी में कूड़ा गिरने की समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब आमजन के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाया जाए।
जन जागरूकता अभियान और सतत विकास
डॉ. चौहान ने कहा कि इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है और स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों और विभिन्न संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। नगर पालिका मसूरी को निर्देश दिए गए कि वे रिस्पना नदी के अंतर्गत आने वाले हिस्सों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी प्रकार का अपशिष्ट नदी में न जाने दें।
वन विभाग को नदी के पुनरुद्धार एवं पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत वृक्षारोपण और हरित पट्टी विकसित करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने को कहा गया।
शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म योजनाएं
बैठक में, जिलाधिकारी ने रिस्पना नदी के पुनर्जीवन के लिए शॉर्ट टर्म एवं लॉन्ग टर्म रणनीतियों के अनुसार कार्य करने की बात की। शॉर्ट टर्म योजना में नदी और उसके आसपास जमा कूड़े का उठान, गार्बेज प्वाइंट्स का उन्मूलन, नदी में कूड़ा फेंकने पर रोक और जनजागरूकता अभियान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। वहीं, लॉन्ग टर्म में घाट निर्माण, नदी तटों का सौंदर्यीकरण तथा स्थायी कार्ययोजनाओं का विकास भी शामिल है।
जिलाधिकारी ने सभी जिम्मेदार विभागों को समन्वय के साथ कार्य पूर्ण करने की हिदायत देते हुए कहा कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन देहरादून की पर्यावरणीय धरोहर को संजोने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसे मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, नगर मजिस्टेªट आशीष तिवारी, नगर निगम, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
इसके परिणामस्वरूप आशा की जाती है कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन कार्य प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ेगा। अधिक जानकारी और अपडेट के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं: Nainital Samachar.
सादर, टीम नैनिताल समाचार - राधिका रावत
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