यूपीसीएल द्वारा नवीनतम सुधार: स्मार्ट मीटरिंग, सीमावर्ती चौकियों और कुंभ कॉरिडोर के विकास की उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण
यूपीसीएल द्वारा नवीनतम सुधार: स्मार्ट मीटरिंग, सीमावर्ती चौकियों और कुंभ कॉरिडोर के विकास की उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण
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कम शब्दों में कहें तो, यूपीसीएल ने 12 मंडलों में 60 प्रतिशत से अधिक सुधार कार्य पूरा कर लिया है, और नवंबर तक यह 669 पीवीटीजी परिवारों को विद्युत संयोजन देने की योजना बना रही है।
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने प्रदेश के विद्युत क्षेत्र में किए गए सुधारों और उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया, जिसमें स्मार्ट मीटरिंग, सीमावर्ती क्षेत्रों का विद्युतीकरण और कुंभ-2027 की तैयारियों की जानकारी शामिल है।
आरडीएसएस योजना के तहत सुधार कार्य
केंद्र द्वारा पोषित रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के अंतर्गत यूपीसीएल ने 12 मंडलों में 60 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है और नवंबर 2026 तक इसका पूरा लक्ष्य शत-प्रतिशत करने का उद्देश्य है। इस योजना की कुल लागत 1,262.38 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें से 656.60 करोड़ रुपये की वित्तीय प्रगति हो चुकी है।
पीवीटीजी जनजातियों के लिए विद्युतीकरण
यूपीसीएल ने बुक्सा और वनराजी जनजातियों के 669 परिवारों को विद्युत संयोजन प्रदान किया है। इसके अतिरिक्त, 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत 169 लाभार्थियों को भी विद्युत संयोजन दिया गया है।
सीमावर्ती चौकियों का विद्युतीकरण
यूपीसीएल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में 43 दूरस्थ चौकियों को ग्रिड से जोड़ने का कार्य तेज कर दिया है। इस कार्य के लिए 327.51 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है, जिसमें से 45.19 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।
कुंभ-2027 की तैयारियों की दिशा में कदम
कुंभ-2027 के मद्देनजर, ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण का कार्य चल रहा है। इस परियोजना की लागत 547.83 करोड़ रुपये है।
स्मार्ट मीटरिंग के लाभ
यू०पी०सी०एल स्मार्ट मीटरिंग को भी तेजी से लागू कर रहा है। स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को रियल टाइम बिजली खपत की जानकारी और बिल संबंधी सुविधाएं मिलेंगी। वर्तमान में 7,05,417 मीटर की स्थापना की जा चुकी है।
बिजली की मांग और उसके प्रबंधन
दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए, यूपीसीएल ने 350 से 450 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की योजना बनाई है।
वित्तीय प्रदर्शन
यूपीसीएल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11,355 करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष से लगभग 6 प्रतिशत अधिक है।
इस प्रकार यूपीसीएल ने उत्तराखंड में विद्युत व्यवस्था की सुदृढ़ीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे सरकारी और निजी उपभोक्ताओं दोनों को लाभ हो रहा है। इसके अलावा, राजस्व वृद्धि और बिजली की दक्षता में सुधार भी देखा गया है।
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Team Nainital Samachar, प्रिया शर्मा
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