मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा में बड़ी चूक, चालक निलंबित, जांच रिपोर्ट 7 दिन में मांगी गई

Dec 19, 2025 - 08:30
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा में बड़ी चूक, चालक निलंबित, जांच रिपोर्ट 7 दिन में मांगी गई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा में बड़ी चूक, चालक निलंबित, जांच रिपोर्ट 7 दिन में मांगी गई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा में बड़ी चूक

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा में एक गंभीर चूक हुई है, जिसके चलते एक कॉन्स्टेबल चालक को निलंबित कर दिया गया है और सीओ ट्रैफिक को जांच सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट सात दिनों में मांगी गई है।

देहरादून में हुए इस गंभीर मामले ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल पायलट कार और एक अन्य इंटरसेप्टर वाहन अचानक खराब हो गए, जिसके कारण मुख्यमंत्री धामी को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा।

घटना का विवरण

इस चूक की घटना गुरुवार को हुई, जब मुख्यमंत्री धामी सचिवालय में आयोजित एक बैठक के बाद कार्यक्रम में जाने के लिए निकले। अचानक उनकी पायलट कार सचिवालय परिसर में ही बंद हो गई। कार स्टार्ट नहीं होने के कारण मुख्यमंत्री का काफिला पायलट कार को वहीं छोड़कर आगे बढ़ा।

इसी समय ट्रैफिक पुलिस की इंटरसेप्टर कार भी खराब हो गई, जिससे काफिले को कुछ समय के लिए रुकना पड़ा। अंततः पुलिसकर्मियों ने मिलकर धक्का देकर वाहन को स्टार्ट किया और सीएम का काफिला आगे बढ़ सका। यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पर वायरल होकर प्रशासन को जागरूक कर गया।

तात्कालिक कार्रवाई

इस लापरवाही के बाद, एसएसपी देहरादून ने पायलट कार के आरक्षी चालक दीपक सैनी को तत्काल निलंबित कर दिया है। इस मामले की जांच का जिम्मा सीओ ट्रैफिक जगदीश पंत को सौंपा गया है। जांच में यह देखने की कोशिश की जा रही है कि आखिर क्यों इन दोनों वाहनों ने सही से काम नहीं किया।

7 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश

अभिसूचना एवं सुरक्षा अपर पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने इस चूक को गंभीर मानते हुए 7 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इससे यह स्पष्ट होगा कि इस सुरक्षा चूक के पीछे असली कारण क्या थे।

पेशेवर चूक और सुरक्षा व्यवस्थाएं

यह पहली बार नहीं है, जब मुख्यमंत्री की सुरक्षा में चूक सामने आई हो। इससे पहले, जुलाई में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व दौरे के दौरान भी एक मामले में मुख्यमंत्री की सफारी में इस्तेमाल की गई जिप्सी की फिटनेस समाप्त हो चुकी थी। इसके आलावा, सचिवालय गेट पर एक निजी वाहन के कारण काफिला पूर्व में भी रुक चुका है।

सुरक्षा व्यवस्था की ज़रूरतें

राज्य सरकार द्वारा आत्म-सुरक्षा और पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण के लिए हर साल भारी बजट खर्च किया जाता है, फिर भी इस प्रकार की घटनाएं सवाल उठाती हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वीआईपी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक एक गंभीर खतरा बन सकती है।

प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जल्द से जल्द जांच प्रारंभ कर दी है। अब सबकी नजरें 7 दिन में आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे स्पष्ट होगा कि इस बड़ी सुरक्षा चूक के पीछे कौन जिम्मेदार है।

फिलहाल, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, यही देखना बाकी है कि इस जांच से क्या परिणाम निकलते हैं।

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सादर, टीम नैनीताल समाचार - सुमिता शर्मा

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