मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 का किया उद्घाटन

Mar 26, 2026 - 08:30
 167  7.9k
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 का किया उद्घाटन

– मुख्यमंत्री द्धारा आदि लक्ष्य संस्थान देहरादून मे बहुउदेशीय सभागार का निर्माण कराये जाने की घोषणा

– दूनवासियों ने नरेंद्र सिंह नेगी, किशन महिपाल और नरेश बादशाह के मनमोहक प्रस्तुतियों का लिया आनंद

देहरादून – उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 का शुभारंभ आज परेड ग्राउंड में भव्य रूप से हुआ, जिसका उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री खजान दास ने की। कार्यक्रम में विधायक कैंट सविता कपूर, उपाध्यक्ष ट्राइबल एडवाइजरी कौंसिल गीता राम गौड़, देशराज कंडवाल, संदीप तिवारी, ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट (टीआरआई) उत्तराखंड के निदेशक एस.एस. टोलिया, समन्वयक राजीव कुमार सोलंकी तथा अतिरिक्त निदेशक योगेंद्र रावत सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

राज्य जनजातीय शोध संस्थान (टीआरआई), उत्तराखंड द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय महोत्सव राज्य की समृद्ध और विविध जनजातीय विरासत का उत्सव है। इस महोत्सव में अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और उत्तराखंड सहित देशभर से आए कलाकारों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन संस्कृति, शिल्प और परंपरा का जीवंत संगम बन गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में स्वदेशी परंपराओं के संरक्षण और जनजातीय समुदायों को ऐसे मंचों के माध्यम से सशक्त बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने इस अवसर पर कहा, ““जब भी मैं उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव में आता हूँ, तो मुझे गहरा आनंद और गर्व का अनुभव होता है। यहां हमारे जनजातीय युवाओं और विद्यार्थियों का उत्साह और आत्मीयता वास्तव में प्रेरणादायक है। यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम अपनी समृद्ध जनजातीय परंपराओं, मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित और प्रोत्साहित करें।

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में हम जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण और समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपीएससी और पीसीएस की तैयारी में सहयोग देने के लिए ‘आदि लक्ष्य संस्थान’ की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे जल्द ही एक बहुउद्देशीय सभागार के निर्माण के साथ और सशक्त किया जाएगा।

पिछले वर्षों में जनजातीय कल्याण के लिए अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। मैं प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने जनजातीय विकास के लिए बजट आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिससे उत्तराखंड जैसे राज्यों को समावेशी विकास को गति देने में मदद मिल रही है। इस जनजातीय महोत्सव के तीसरे संस्करण का हिस्सा बनकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है, जो हमारी जनजातीय पहचान को सशक्त बनाने और उसका उत्सव मनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस अवसर पर हम सामाजिक सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ कर रहे हैं, जिसके तहत वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगजनों, किसानों और जरूरतमंद महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों को पेंशन लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सम्मान, आर्थिक सहयोग और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है।”

इस अवसर पर वर्ष 2026 के लिए ‘आदि गौरव सम्मान’ की भी घोषणा की गई, जिसके अंतर्गत उत्तराखंड के दो व्यक्तियों को मरणोपरांत सम्मानित किया गया। इनमें थारू जनजाति की प्रथम लोक गायिका स्वर्गीय रिंकू राणा तथा बुक्सा जनजाति के जनजातीय नेता स्वर्गीय दर्शन लाल शामिल रहे।

महोत्सव में जनजातीय कला एवं शिल्प की विस्तृत प्रदर्शनी के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। उत्तराखंड की थारू, जौनसारी, भोटिया, बुक्सा और राजी जनजातियों ने अपनी पारंपरिक लोक संगीत और नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

टीआरआई उत्तराखंड के निदेशक एस.एस. टोलिया ने कहा, “यह महोत्सव परंपरा और अवसर के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करता है। यह न केवल हमारी जनजातीय पहचान का उत्सव है, बल्कि कारीगरों को व्यापक बाजार और नए अवसरों से जोड़ने का माध्यम भी है।”

महोत्सव के पहले दिन ‘गढ़ रत्न’ नरेंद्र सिंह नेगी की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने ‘नौछामी नारैणा’, ‘बेडू पाको बारामासा’ और ‘चली बड़ी बाजार’ जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। इसके बाद प्रसिद्ध लोक गायक किशन महिपाल ने ‘फ्योंलड़िया’, ‘घुघुती’ और ‘घुमाई दे’ जैसे गीतों से माहौल को ऊर्जावान बना दिया।

शाम का समापन नरेश बादशाह की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ हुआ, जिन्होंने ‘तेरी लाली’, ‘शिव कैलाशों के वासी’, ‘दर्शनीय’ और ‘जिंदगी’ जैसे गीतों से दर्शकों का दिल जीत लिया।

हजारों की संख्या में पहुंचे दर्शकों के साथ महोत्सव में विभिन्न स्टॉलों पर ऑर्गेनिक मिलेट आधारित व्यंजन, पारंपरिक हस्तशिल्प, गृह सज्जा की वस्तुएं, एथनिक परिधान और फुटवियर आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

सभी के लिए नि:शुल्क प्रवेश के साथ यह उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026, 27 मार्च 2026 तक संस्कृति, समुदाय और रचनात्मकता का उत्सव मनाता रहेगा।

The post मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 का किया उद्घाटन appeared first on .

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0