मिलावटखोरों पर सरकार का नया शिकंजा: हर महीने चलेगा विशेष अभियान

Mar 13, 2026 - 08:30
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मिलावटखोरों पर सरकार का नया शिकंजा: हर महीने चलेगा विशेष अभियान

मिलावटखोरों पर सरकार का नया शिकंजा: हर महीने चलेगा विशेष अभियान

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कम शब्दों में कहें तो, धामी सरकार अब मिलावटखोरों पर और अधिक सख्ती बरतेगी। हर माह एक सप्ताह तक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही खाद्य संरक्षा विभाग में स्टाफ की कमी को भी दूर किया जाएगा।

उत्तराखंड की धामी सरकार ने खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

हर महीने चलेगा अभियान

बजट सत्र के चौथे दिन, प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि हर महीने एक विशेष अभियान के तहत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इस दौरान विशेष ध्यान हाट-मेलों पर दिया जाएगा, जहां आमतौर पर मिलावट के मामलों की शिकायतें अधिक मिलती हैं।

खाद्य पदार्थों की जांच का रिकॉर्ड

सरकार द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किए गए पिछले दो वर्षों के प्रयासों का ब्योरा पेश किया गया। वर्ष 2023-24 में कुल 1627 नमूने लिए गए, जिसमें से 171 असफल रहे। इसके आधार पर 171 मामले दर्ज किए गए। वहीं, 2024-25 के लिए 1684 नमूने लिए गए, जिनमें से 159 असफल पाए गए।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कमी दूर करने के उपाय

प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की वर्तमान में 28 पदों की कमी है। सरकार ने लोक सेवा आयोग को नियुक्ति प्रक्रिया के लिए अधियाचन भेजा है। अगर भर्ती प्रक्रिया में देरी होती है, तो सरकार प्रतिनियुक्ति के जरिये इन पदों को भरने का प्रयास करेगी। डॉ. धन सिंह रावत ने आश्वासन दिया कि खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाएगा। इसके अलावा, देहरादून में टेस्टिंग लैब का कार्य 31 मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता

सरकार की इस पहल से न केवल मिलावटखोरों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी, बल्कि आपके परिवारों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। जैसा कि हम सभी जानते हैं, मिलावटी खाद्य पदार्थ जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

निष्कर्ष

धामी सरकार का यह कदम खाद्य सुरक्षा के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है। आगे आने वाले समय में यदि सख्ती बढ़ती है, तो निश्चित रूप से आम जनता के बीच जागरूकता बढ़ेगी और लोग मिलावटखोरी के खिलाफ खड़े होंगे। इस दिशा में सरकार को जारी प्रयासों को निरंतर बनाए रखना चाहिए।

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सादर, टीम नैनीताल समाचार

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