ओक ग्रोव स्कूल ने विरासत महोत्सव में क्विज प्रतियोगिता में जीती बाजी

Oct 12, 2025 - 08:30
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ओक ग्रोव स्कूल ने विरासत महोत्सव में क्विज प्रतियोगिता में जीती बाजी
ओक ग्रोव स्कूल ने विरासत महोत्सव में क्विज प्रतियोगिता में जीती बाजी

ओक ग्रोव स्कूल ने विरासत महोत्सव में क्विज प्रतियोगिता में जीती बाजी

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कम शब्दों में कहें तो, ओक ग्रोव स्कूल ने विरासत महोत्सव में आयोजित क्विज प्रतियोगिता में विजय प्राप्त की है। महाभारत काल की पौराणिक “चक्रव्यूह” संरचना का नाट्य मंचन भी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना।

देहरादून में चल रहे विरासत महोत्सव ने इस वर्ष भी अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जहाँ विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने एक दूसरे के साथ अपनी ज्ञान की परीक्षा ली। प्रतियोगिता में ओक ग्रोव स्कूल ने अपनी बेहतरीन पृष्ठभूमि और उत्कृष्टता का प्रदर्शन करते हुए पहले स्थान को हासिल किया।

प्रतियोगिता की सारांश

यह क्विज प्रतियोगिता, जो कि प्रश्नोत्तरी 2025 के तहत आयोजित की गई थी, में देहरादून के 18 प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्साही विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तरी का सामना करते हुए अपनी गहरी ज्ञान और तैयारी का खुलासा किया। प्रतियोगिता का पहला चरण एक लिखित परीक्षा के रूप में शुरू हुआ, जिसे क्विज मास्टर डॉ. सरगम मेहरा ने संचालित किया।

इसके बाद, केवल चार विद्यालय ही अगले चरण के लिए अर्हता प्राप्त कर पाए, जिनमें दून इंटरनेशनल स्कूल (सिटी कैंपस), समर वैली स्कूल, और ओक ग्रोव स्कूल (जिसकी दो टीमें प्रतियोगिता में शामिल हुईं) शामिल थीं।

ओक ग्रोव स्कूल की सफलता

कई कठिनाइयों के बावजूद, ओक ग्रोव स्कूल की टीम ने अंततः प्रतियोगिता के अंतिम चरण में जीत हासिल की। विजेता टीम में आयुषी गुप्ता और चार्वी प्रताप सिंह, दोनों कक्षा 12 के छात्राएं शामिल रहीं। जबकि उपविजेता का स्थान दून इंटरनेशनल स्कूल के प्रतिनिधियों ऐश्वर्या प्रताप सिंह और आद्या राय ने जीता। इस क्विज में विद्यार्थियों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक ज्ञान का प्रमाण देखने को मिला।

विरासत महोत्सव में आयोजित यह प्रतियोगिता छात्रों में न केवल ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए थी, बल्कि यह उनके उत्साह और टीम वर्क को भी उजागर करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। कार्यक्रम के अंत में, कार्यक्रम की समन्वयक सुश्री राधा चटर्जी ने विजेता और उपविजेता टीमों को प्रमाण पत्र वितरित किये।

महाभारत काल की "चक्रव्यूह" का मंचन

इस महोत्सव में एक अन्य आकर्षण पौराणिक "चक्रव्यूह" संरचना का नाट्य मंचन था, जिसे देखकर हज़ारों की भीड़ आश्चर्यचकित रह गई। यह नाट्य प्रस्तुति मशहूर कलाकार पंकज कुमार नैथानी द्वारा निर्देशित की गई थी।

इस नाट्य मंचन में युवा योद्धा अभिमन्यु की वीरता को दर्शाया गया है, जो कि बलिदान और धर्म के बीच एक महत्वपूर्ण संघर्ष का प्रतीक है। यह कथा महाभारत में वर्णित सबसे प्रतिष्ठित सैन्य संरचनाओं में से एक है।

दर्शकों ने इस नाट्य मंचन में अभिमन्यु के अद्वितीय साहस को देखा और सभी उसकी वीरता से प्रभावित हुए। कई स्थानीय कलाकारों ने इस नाट्य प्रस्तुति में भाग लिया, जिससे कार्यक्रम की गहराई और भी बढ़ गई।

संस्कृति और विरासत का अनूठा संगम

उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में स्थानीय परंपराएँ, विशेषकर पांडवों से जुड़ी हुई हैं। पांडव नृत्य और पांडव लीला जैसे अनुष्ठान प्रदर्शनों के माध्यम से इन पौराणिक कथाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

इस नाट्य मंचन ने गढ़वाली लोक रंगमंच, पारंपरिक संगीत और नाटकीय कथावाचन का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत किया। इसने दर्शकों को प्रभावित कर उनके मन में गहरी छाप छोड़ी।

समापन और पुरस्कार वितरण

कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागी विद्यालयों की सराहना के साथ हुआ, जिससे यह महोत्सव छात्रों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया। बच्चे, विद्यार्थी, शिक्षक और दर्शक सभी इस महोत्सव की सफलता में अपने योगदान के लिए सम्मानित हुए।

इस प्रकार, विरासत महोत्सव 2025 ने बुद्धिमत्ता, सांस्कृतिक धरोहर और युवा ऊर्जा का एक अद्भुत उत्सव प्रस्तुत किया। सभी ने मिलकर इस महोत्सव को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया Nainital Samachar पर जाएँ।

— टीम नैनिताल समाचार, सीमा रावत

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