उत्तराखंड: विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन से बनेगा देश का अग्रणी राज्य, मुख्यमंत्री धामी का बयान

Aug 23, 2026 - 08:30
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उत्तराखंड: विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन से बनेगा देश का अग्रणी राज्य, मुख्यमंत्री धामी का बयान
उत्तराखंड: विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन से बनेगा देश का अग्रणी राज्य, मुख्यमंत्री धामी का बयान

उत्तराखंड: विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन से बनेगा देश का अग्रणी राज्य, मुख्यमंत्री धामी का बयान

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में आयोजित ‘द इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026’ में उत्तराखंड के विकास मॉडल और पर्यावरण संरक्षण के बारे में अपने विचार साझा किए।

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में नई दिल्ली में ‘द इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस वैश्विक मंच पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के विकास की दिशा, सुशासन के पहलुओं एवं भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत रूप से चर्चा की। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड अब विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित कर एक अग्रणी राज्य की ओर बढ़ रहा है।

सुशासन और समान नागरिक संहिता

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर गंभीरता से बताया कि यह एक मील का पत्थर है, जिसने महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका कहना है कि यह कानून सामाजिक न्याय और समता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रोजगार के मोर्चे पर उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाएँ उनकी सरकार की प्राथमिकता रहीं हैं। राज्य गठन के प्रारंभिक 20 वर्षों में जहां केवल 16,000 सरकारी नियुक्तियां हुईं, वहीं पिछले पांच वर्षों में उनकी सरकार ने 34,000 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में शामिल किया है। इसके अतिरिक्त, भर्ती परीक्षाओं में शुचिता बनाए रखने के लिए कठोर नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है, जिसके तहत 100 से अधिक नकल माफियाओं को गिरफ्तार किया गया है।

शिक्षा और बुनियादी ढांचे में सुधार

शिक्षा के क्षेत्र में भी ध्यान देने की आवश्यकता पर मुख्यमंत्री ने बताया कि 'नेशन फर्स्ट' की नीति के अंतर्गत सभी बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। मदरसों के स्थान पर अब 'उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' का गठन किया गया है, जो शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा। उन्होंने उल्लेख किया कि मानकों की अनदेखी करने वाले 250 मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

उत्तराखंड का विकास यात्रा: मुख्य बिंदु

क्षेत्र प्रमुख पहल और उपलब्धियां
कनेक्टिविटी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना (125 किमी) और दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर।
निवेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद 30 से अधिक नई औद्योगिक नीतियों का क्रियान्वयन।
पर्यटन चारधाम यात्रा में 47 लाख और कांवड़ यात्रा में 4.80 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन।
नवाचार भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए एआई (AI) और नई तकनीक आधारित नवाचार नीति।
सीमांत विकास सीमांत गांवों को 'प्रथम गांव' के रूप में विकसित कर रिवर्स पलायन पर जोर।

पर्यटन और सीमांत क्षेत्रों का विकास

मुख्यमंत्री ने पर्यटन को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और कहा कि उनकी सरकार '12 महीने पर्यटन' की अवधारणा पर काम कर रही है। इसके तहत, हर्षिल और मुखवा जैसे क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है ताकि सर्दियों में भी स्थानीय लोगों को रोजगार मिले। आदि कैलाश यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

भविष्य की तैयारी और कुंभ की योजना

मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट से राज्य की कनेक्टिविटी में वृद्धि होगी। अंत में, मुख्यमंत्री ने आगामी जनवरी 2027 के हरिद्वार कुंभ के आयोजन के लिए तैयारियों की जानकारी साझा की और सभी को कुंभ में शामिल होने का आमंत्रण दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि नवाचार, विज्ञान और समावेशी विकास के माध्यम से उत्तराखंड जल्द ही देश का सबसे विकसित राज्य बनेगा।

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सादर,
टीम नैनITAL समाचार - प्रिया शर्मा

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