उत्तराखंड पटवारी भर्ती परीक्षा रद्द: सीएम धामी ने दी आयोग की रिपोर्ट शेयर

Oct 13, 2025 - 08:30
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उत्तराखंड पटवारी भर्ती परीक्षा रद्द: सीएम धामी ने दी आयोग की रिपोर्ट शेयर
उत्तराखंड पटवारी भर्ती परीक्षा रद्द: सीएम धामी ने दी आयोग की रिपोर्ट शेयर

उत्तराखंड पटवारी भर्ती परीक्षा रद्द: सीएम धामी ने दी आयोग की रिपोर्ट शेयर

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कम शब्दों में कहें तो, यूसी ध्यानी एकल सदस्यीय आयोग ने 21 सितंबर को हुई पटवारी भर्ती परीक्षा की उम्मीदों को ध्वस्त करते हुए अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपी है। इस रिपोर्ट में आयोग ने परीक्षा के पेपर को निरस्त करने की सिफारिश की है, जिससे आगामी 12 अक्टूबर को होने वाली परीक्षा भी रद्द कर दी गई है। यह फैसला युवाओं के हित में लिया गया है और इसे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के महत्वपूर्ण कदम के रूप में माना जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

देहरादून से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर को हुई पटवारी भर्ती परीक्षा में कुछ अनियमितताएँ पाई गई थीं। इस संदर्भ में यूसी ध्यानी आयोग ने एक जांच शुरू की थी, जिसके बाद आयोग ने अपनी रिपोर्ट तैयार की। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रिपोर्ट में आयोग ने पेपर निरस्त करने की पैरवी की है और यह रिपोर्ट उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भी भेजी गई है।

सीएम का यह फैसला युवाओं के हित में

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले पर विचार करते हुए कहा कि यह फैसला युवाओं के हित में है। उन्होंने कहा कि यह कदम सुनिश्चित करेगा कि भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी तरह की अनियमितता से बचा जा सके। यह प्रक्रिया छात्रों की उम्मीदों को एक नई दिशा देने का कार्य करेगी।

क्या है आयोग की सिफारिशें?

ध्यानी आयोग के अध्यक्ष यूसी ध्यानी ने अपनी रिपोर्ट में विभिन्न बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसमें परीक्षा की प्रक्रिया और प्रश्नपत्र में पारदर्शिता लैने की दिशा में सिफारिशें शामिल हैं। आयोग ने ना केवल 21 सितंबर की परीक्षा को निरस्त करने का आदेश दिया है, बल्कि 12 अक्टूबर की परीक्षा को भी रद्द करने के लिए कहा है।

परीक्षा की रद्दीकरण के प्रभाव

इस निर्णय का प्रभाव युवाओं और छात्रों पर पड़ेगा जो कई महीनों से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, मुख्यमंत्री का मानना है कि यह निर्णय लंबी अवधि में स्पष्टता और उचित प्रक्रिया को सुनिश्चित करेगा।

निष्कर्ष और आगे की राह

इस निर्णय के साथ, उत्तराखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है जिससे युवाओं को उनके भविष्य को लेकर अधिक आश्वस्त बनाने की कोशिश की गई है। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी परीक्षाएँ अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएँगी। अगर आप इस मामले में और जानकरी चाहते हैं, तो हमारे वेबसाइट पर जाएं यहाँ

टीम नैनीताल समाचार, नैना शर्मा

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