उत्तराखंड क्रांति दल का भाजपा नेताओं पर हमला, एक हफ्ते का अल्टीमेटम जारी
उत्तराखंड क्रांति दल का भाजपा नेताओं पर हमला, एक हफ्ते का अल्टीमेटम जारी
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड क्रांति दल ने भाजपा नेताओं के खिलाफ एक सख्त बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है।
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने आज एक प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं की सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाज़ी को कड़ी निंदा की। कुकरेती ने कहा कि भाजपा के नेताओं और नेत्रियों के बीच जिस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, वह न केवल राजनीतिक मर्यादाओं के विरुद्ध है, बल्कि समाज में भी एक गलत संदेश फैला रहा है।
सोशल मीडिया पर शब्दों की जंग
उन्होंनें कहा, "सोशल मीडिया पर आ रहे वीडियो में एक-दूसरे पर व्यक्तिगत आरोप लगाने वाले बयान सामिल हैं। यह मुद्दा गंभीर हो गया है और इससे राजनीति में एक नया विवाद उभरने का खतरा है।" उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी दलों की मामूली टिप्पणियों पर कठोर कदम उठाती है, लेकिन अपने ही दल के नेताओं के बीच हो रही उठापटक पर चुप्पी साधे हुए है।
उत्तराखंड क्रांति दल की चेतावनी
कुकरेती ने आगे चेतावनी दी कि यदि सरकार अगले सप्ताह के भीतर इस मामले पर संज्ञान नहीं लेती और सामाजिक मीडिया पर फैली इस अभद्रता को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाती, तो उत्तराखंड क्रांति दल प्रदेशभर में उग्र आंदोलन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस आंदोलन की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
प्रेस वार्ता में उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश उपाध्याय, केंद्रीय उपाध्यक्ष बहादुर सिंह रावत, केंद्रीय महामंत्री गणेश काला और किरन रावत भी उपस्थित रहे।
समाज में व्याप्त मुद्दे
उत्तराखंड में बढ़ती सोशल मीडिया बयानबाजी का मुद्दा सिर्फ भाजपा के नेताओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे राजनीतिक परिदृश्य पर एक नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। यदि एक राजनीतिक दल खुद को एक जिम्मेदार नेतृत्व के रूप में पेश करना चाहता है, तो उसे अपने सदस्यों के व्यवहार पर नियंत्रण रखना चाहिए।
इस प्रकार की बयानबाजियों से न केवल पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचता है बल्कि इससे समाज में भी तनाव और विभाजन की संभावना बढ़ती है। ऐसे में सरकार को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि राजनीतिक मैदान को शांत और स्वस्थ रखा जा सके।
इसके अलावा, अगर उत्तराखंड क्रांति दल सरकार की मांगें नहीं मानेगी तो समाज में एक बड़ा आंदोलित माहौल पैदा होने का खतरा है। यह देखते हुए, सरकार को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यदि यह स्थिति इस तरह जारी रही तो आने वाले दिनों में भारत की राजनीति में इसे एक गंभीर मुद्दा माना जाएगा।
यह एक अनियंत्रित स्थिति बनती जा रही है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होनी चाहिए।
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सादर,
Team Nainital Samachar
अनुश्री तोमर
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