आईजीआई ने किया एजीएल का अधिग्रहण, कलर्ड जेमस्टोन सर्टिफिकेशन के क्षेत्र में दुनिया भर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम

Feb 4, 2026 - 08:30
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आईजीआई ने किया एजीएल का अधिग्रहण, कलर्ड जेमस्टोन सर्टिफिकेशन के क्षेत्र में दुनिया भर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम

देहरादून -: पूरी दुनिया में स्वतंत्र रूप से ग्रेडिंग एवं प्रमाणन सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद संगठनों में से एक, इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (इंडिया) लिमिटेड (आईजीआई) ने आज अमेरिकन जेमोलॉजिकल लेबोरेटरीज (एजीएल) के अधिग्रहण की घोषणा की, जो रंगीन जेमस्टोन के विश्लेषण और उनके मूल स्रोत की जानकारी प्रदान करने में पूरी दुनिया में सबसे आगे है। इस समझौते के माध्यम से दुनिया भर में फैले नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर का मिलन रंगीन रत्नों के क्षेत्र में गहरी वैज्ञानिक जानकारी से हुआ है, और अब दोनों समूह साथ मिलकर पूरी दुनिया में रत्न एवं आभूषण उद्योग में प्रमाणन और भरोसे के मामले में सबसे आगे हो गया है।

इस अधिग्रहण के बाद विश्व स्तर पर प्रमाणन का एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार हुआ है, जो आईजीआई के इस उद्योग में बड़े पैमाने पर मौजूदगी, इंफ्रास्ट्रक्चर और बाजार तक पहुंच को रंगीन रत्नों में एजीएल की गहरी वैज्ञानिक विशेषज्ञता और नेतृत्वकर्ता के तौर पर अग्रणी स्थिति के साथ जोड़ता है। अब आईजीआई और एजीएल साथ मिलकर पूरी दुनिया में रत्न एवं आभूषण उद्योग में बेहतर भरोसे, पारदर्शिता और इनोवेशन को बढ़ावा देंगे, साथ ही अपनी उस वैज्ञानिक निष्पक्षता को भी कायम रखेंगे जिसके लिए वे दुनिया भर में जाने जाते हैं।

इस मौके पर आईजीआई के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं ग्लोबल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, श्री तेहमास्प प्रिंटर ने कहा, “यह इस उद्योग में बड़े पैमाने पर बदलाव लाने वाला कदम है। हमने रंगीन रत्नों के क्षेत्र में एजीएल की वैज्ञानिक विशेषज्ञता को आईजीआई के पूरी दुनिया में मौजूद प्लेटफॉर्म के साथ जोड़कर, हम एक ऐसा सर्टिफिकेशन इकोसिस्टम बना कर रहे हैं, जो भविष्य के अनुरूप होने के साथ-साथ निष्पक्षता या वैज्ञानिक जांच से समझौता किए बिना बड़े पैमाने पर अपनी सेवाएं देने में सक्षम हो। दोनों संगठन साथ मिलकर, रत्न प्रमाणन के क्षेत्र में विश्व स्तर पर भरोसे, पारदर्शिता और एकरूपता की एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं।”

मुख्य अंश:
रणनीतिक गठबंधन: आईजीआई की मदद से अब एजीएल पूरी दुनिया में मौजूद उसके इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर पाएगा, और इस तरह एजीएल को अमेरिकी बाजार से बाहर अपनी रंगीन रत्न प्रमाणन सेवाओं का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। आईजीआई के लिए, इस साझेदारी से संगठन के बाजार के दायरे का और विस्तार होगा, साथ ही तेजी से बढ़ते रंगीन रत्नों के क्षेत्र में कदम रखने से राजस्व में भी विविधता आएगी और अलग-अलग बंजारों के एकजुट होने तथा रिसर्च की बढ़ी हुई क्षमताओं से लंबे समय तक विकास में काफी मदद मिलेगी।

व्यावसायिक निरंतरता: क्रिस स्मिथ पहले की तरह ही एजीएल के प्रेसिडेंट और चीफ जेमोलॉजिस्ट बने रहेंगे। लेबोरेटरी का मुख्यालय भी अमेरिका के न्यूयॉर्क में रहेगा, और यह संगठन अपने सम्मानित ब्रांड और लीडरशिप के साथ स्वतंत्र रूप से काम करता रहेगा, साथ ही अपनी वैज्ञानिक गुणवत्ता के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता के प्रति समर्पित रहेगा। फिलहाल कामकाज के तरीके में किसी बदलाव की योजना नहीं है; दोनों संगठन अपने पुराने तकनीकी मानकों को बरकरार रखते हुए ग्राहकों को अपनी सेवाएं देना जारी रखेंगे, और साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग को पूरा करने के लिए नए उपकरण और रिपोर्टिंग के तरीके विकसित करेंगे।
शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में नेतृत्व: एजीएल के अधिग्रहण के साथ, आईजीआई रंगीन रत्नों में विश्व स्तर पर अपने शिक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और बेहतर बनाएगा, जिसमें एजीएल के विशेष वैज्ञानिक ज्ञान, अनुसंधान और शिक्षण की विधियों को भी शामिल किया जाएगा।

लंबे समय के निवेश का वादा: ब्लैकस्टोन के लंबे समय के निवेश वाले नजरिए की मदद से, आईजीआई ने पूरी दुनिया में अपनी मौजूदगी का विस्तार किया है, अपने लेबोरेटरी की सुविधाओं को बेहतर बनाया है साथ ही प्रशिक्षण एवं प्रतिभाशाली लोगों को साथ जोड़ने में निवेश किया है। एजीएल की लगातार प्रगति, इसकी वैज्ञानिक विशेषज्ञता और रंगीन रत्नों के प्रमाणन में पूरी दुनिया में इसके दायरे के विस्तार के लिए आईजीआई ने उसी अनुशासित और दीर्घकालिक निवेश रणनीति को लागू करने का लक्ष्य रखा है।

एजीएल की स्थापना 1977 में हुई थी, जिसने अमेरिका में रंगीन रत्नों के लिए उसके मूल देश की जानकारी देने की परंपरा शुरू की। आज यह संगठन दुनिया के बड़े-बड़े लग्जरी ब्रांड्स, जाने-माने ऑक्शन हाउस, निर्माताओं, खुदरा विक्रेताओं और निजी संग्रहकर्ताओं को अपनी सेवाएँ प्रदान करता है।

इस साझेदारी के बाद अमेरिका— जो अव्वल दर्जे के आभूषणों और रंगीन रत्नों के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है— और भारत, जो रत्न निर्माण, सोर्सिंग और प्रमाणन का एक वैश्विक केंद्र है, के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूती मिली है। दोनों संगठनों के साथ मिलने के बाद अब यह प्लेटफॉर्म बड़े स्तर पर वैज्ञानिक क्षमता और भौगोलिक पहुंच के साथ वैश्विक रत्न व्यापार को अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार है, जिससे मूल स्थान के बारे में जानकारी, पारदर्शिता और एकरूपता के लिए बाजार की लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

इस मौके पर एजीएल के प्रेसिडेंट एवं चीफ जेमोलॉजिस्ट, क्रिस्टोफर स्मिथ ने कहा: यह अधिग्रहण एजीएल के लिए रंगीन रत्नों से जुड़ी अपनी सेवाओं को जारी रखने और उन्हें बड़े पैमाने पर आगे बढ़ने का बेहद शानदार और अहम मौका है। ब्लैकस्टोन के सहयोग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईजीआई की सुविधाओं की उपलब्धता के साथ, एजीएल पूरी दुनिया में रंगीन रत्नों एवं आभूषणों के बाजार में अपनी निष्पक्षता, बेहतरीन सेवाओं और प्रोडक्ट के मानकों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।”

जेमोरा ग्रुप के फाउंडर एवं सीईओ, तथा जेमफील्ड्स और फ्यूरा जेम्स के पूर्व एग्जीक्यूटिव, देव शेट्टी ने इस साझेदारी में रणनीतिक सलाहकार की भूमिका निभाई है।

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