भवन को जर्जर घोषित करने से पहले सभी तकनीकी पहलुओं की हो विस्तृत जांच: जिलाधिकारी

Sep 9, 2026 - 08:30
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भवन को जर्जर घोषित करने से पहले सभी तकनीकी पहलुओं की हो विस्तृत जांच: जिलाधिकारी
भवन को जर्जर घोषित करने से पहले सभी तकनीकी पहलुओं की हो विस्तृत जांच: जिलाधिकारी

भवन को जर्जर घोषित करने से पहले सभी तकनीकी पहलुओं की हो विस्तृत जांच: जिलाधिकारी

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कम शब्दों में कहें तो, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जर्जर भवनों के चिन्हीकरण के लिए सभी आवश्यक तकनीकी परीक्षण और दिशा-निर्देशों पर जोर दिया है।

देहरादून में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की एक वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए कि जर्जर और असुरक्षित भवनों के चिन्हीकरण का कार्य पूरी गंभीरता और तकनीकी मानकों के अनुसार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भवनों को जर्जर घोषित करने से पहले सभी तकनीकी और संरचनात्मक पहलुओं की गहन समीक्षा की जानी चाहिए। ऐसा करने से वास्तविक स्थिति का सही आकलन हो सकेगा, जो जनसुरक्षा के लिए अति आवश्यक है।

निर्देशों की विस्तृत व्याख्या

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के सभी उप जिलाधिकारियों, नगर निगम एवं नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों का चिन्हीकरण प्राथमिकता के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे भवनों की सूची तैयार करते समय उनकी वर्तमान स्थिति, संरचनात्मक सुरक्षा, और आसपास के निवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखना होगा।

इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को जर्जर भवनों के निरीक्षण एवं तकनीकी परीक्षण के लिए विशेषज्ञ तकनीकी टीमों का गठन करने के निर्देश दिए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विभिन्न विभागों के समन्वय से हो रही तकनीकी सर्वेक्षण प्रक्रिया एकीकृत और व्यवस्थित हो, ताकि भवनों की वास्तविक स्थिति का सटीक मूल्यांकन किया जा सके।

जनसुरक्षा को प्राथमिकता

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी बताया कि भवनों को गिरासू घोषित करने की प्रक्रिया में सभी तकनीकी और विधिक पहलुओं का ध्यान रखना अनिवार्य है। उनके अनुसार, जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और संभावित दुर्घटनाओं या जनहानि को रोकने के लिए समय पर आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है।

लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं

जिलाधिकारी ने चिन्हीकरण की प्रक्रिया में लापरवाही को अस्वीकार करते हुए कहा है कि सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील एवं अत्यधिक जर्जर भवनों के मामले में सतर्कता बरतने की सलाह दी, ताकि आवश्यकतानुसार त्वरित सुरक्षात्मक उपायों को लागू किया जा सके।

वर्चुअल बैठक में शामिल अधिकारी

इस वर्चुअल बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, नगर आयुक्त ऋषिकेश विजयनाथ शुक्ला, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविंद्र ज्वान्ठा, और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।

जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों का उद्देश्य जिले में जर्जर भवनों की समस्या का समाधान करना है ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों को योजना बनाते समय एकदृष्टि और प्रभावशीलता के साथ कार्य करना होगा।

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– सौंजन्या पंत, Team Nainital Samachar

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