Pakistan: बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की बड़ी कार्रवाई, 41 हथियारबंद लड़ाकों को मार गिराने का दावा

Feb 1, 2026 - 08:30
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Pakistan: बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की बड़ी कार्रवाई, 41 हथियारबंद लड़ाकों को मार गिराने का दावा

इस्लामाबाद।

पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों ने एक बड़े सैन्य अभियान के दौरान कम से कम 41 हथियारबंद लड़ाकों को मार गिराया है। पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी बयानों में इन लड़ाकों को भारत समर्थित होने का आरोप लगाया गया है, हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किए गए हैं। भारत सरकार की ओर से इस मामले में अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सैन्य सूत्रों के मुताबिक, यह मुठभेड़ें गुरुवार को बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में हुईं। बलूचिस्तान प्रांत भौगोलिक रूप से अफगानिस्तान की सीमा के निकट स्थित है और दशकों से अलगाववादी और चरमपंथी गतिविधियों का मुख्य केंद्र रहा है। सेना का कहना है कि ये हथियारबंद संगठन पाकिस्तान की केंद्र सरकार के विरुद्ध लगातार हिंसक वारदातों को अंजाम दे रहे थे और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे।

इस सैन्य कार्रवाई को दो मुख्य हिस्सों में अंजाम दिया गया। पहले ऑपरेशन के दौरान बलूचिस्तान के हरनई जिले के बाहरी इलाकों में भीषण गोलाबारी हुई, जिसमें कम से कम 30 लड़ाके ढेर कर दिए गए। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन लड़ाकों का संबंध ‘फितना-अल-खवारिज’ नामक संगठन से बताया गया है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान सरकार प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को इसी नाम से संबोधित करती है। TTP का सीधा जुड़ाव अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन से माना जाता है और यह समूह पाकिस्तान में सुरक्षा बलों पर होने वाले कई बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है।

इसी क्रम में दूसरा बड़ा ऑपरेशन पंजगुर जिले में चलाया गया, जहाँ सुरक्षा बलों ने 11 लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया। सेना की मीडिया शाखा, आईएसपीआर ने इन लड़ाकों को ‘फितना-अल-हिंदुस्तान’ से जुड़ा बताया और इन्हें ‘भारत समर्थित आतंकी’ करार दिया। सेना का दावा है कि मारे गए इन लोगों के पास से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और वह नकद राशि बरामद हुई है, जो पिछले साल दिसंबर माह में पंजगुर के एक बैंक से लूटी गई थी। पाकिस्तानी सेना ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों ही ऑपरेशनों में उनके किसी भी सैनिक की जान नहीं गई है और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए तलाशी अभियान अभी भी जारी है।

इस बड़ी सैन्य सफलता पर पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व ने सेना की सराहना की है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि यह कार्रवाई आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के सरकार के अटूट संकल्प को दर्शाती है। वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना के मनोबल को बढ़ाते हुए कहा कि पूरा देश इस निर्णायक जंग में सुरक्षा बलों के साथ मजबूती से खड़ा है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में बलूचिस्तान में हिंसा की घटनाओं में अप्रत्याशित तेजी आई है। इसके लिए मुख्य रूप से बलूच अलगाववादी समूहों और TTP को दोषी ठहराया जाता है। इससे पहले जनवरी के महीने में भी सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान के खरान जिले में 12 लड़ाकों को मारने का दावा किया था और उस समय भी पाकिस्तान ने उन पर भारत समर्थित होने का आरोप मढ़ा था। फिलहाल, सीमावर्ती क्षेत्रों में जारी इस सैन्य सक्रियता ने क्षेत्र में सुरक्षा और कूटनीतिक चिंताओं को एक बार फिर गहरा कर दिया है।

 

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