Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने पंजाबी समाज के योगदान को सराहा, विकास और विरासत का महत्व उजागर किया

Sep 12, 2026 - 08:30
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Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने पंजाबी समाज के योगदान को सराहा, विकास और विरासत का महत्व उजागर किया
Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने पंजाबी समाज के योगदान को सराहा, विकास और विरासत का महत्व उजागर किया

Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने पंजाबी समाज के योगदान को सराहा, विकास और विरासत का महत्व उजागर किया

कम शब्दों में कहें तो, रुद्रपुर में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंजाबी और सिख समाज के योगदान की सराहना की।

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रुद्रपुर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पिछले गुरुवार को रुद्रपुर में पंजाबी गौरव सम्मेलन में भाग लिया। इस विशेष अवसर पर सिख समाज ने मुख्यमंत्री को सरोपा भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। सम्मेलन का माहौल भक्तिमय रहा, जिसमें ‘वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह’ के जयकारे गूंजते रहे।

राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि पंजाबी और सिख समाज ने अपनी मेहनत और उद्यमशीलता से देश के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि यह समुदाय न केवल कृषि बल्कि उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना चुका है। सीमाओं की सुरक्षा से लेकर आपदा के समय में सेवा कार्यों में भी सिख समाज का योगदान उल्लेखनीय रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि तराई क्षेत्र के विकास और यहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में पंजाबी समाज का बड़ा योगदान है। उनके परिश्रम और लगन ने तराई को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने गुरु साहिबान की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन अन्याय के खिलाफ खड़े होने, मानवता की सेवा करने और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने का उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि सिख परंपरा देश की एकता और सामाजिक समरसता की मिसाल है।

हेमकुंड साहिब रोपवे पर आगे बढ़ा काम

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि उत्तराखंड और सिख समाज का आध्यात्मिक संबंध काफी पुराना है। गुरु नानक देव और गुरु गोबिंद सिंह के उत्तराखंड आगमन के इतिहास को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब जैसे तीर्थस्थल इस संबंध को और मजबूत करते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक लगभग 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे के निर्माण का काम आगे बढ़ चुका है। इस रोपवे के निर्माण से बुजुर्गों, महिलाओं और श्रद्धालुओं के लिए तीर्थयात्रा आसान हो जाएगी।

केंद्र के फैसलों का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के द्वारा सिख समाज की आस्था और विरासत से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। इनमें करतारपुर साहिब कॉरिडोर, लंगर को करों से छूट, श्री हरमंदिर साहिब को विदेशी अंशदान की अनुमति जैसे कदम शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति को सम्मान देने के लिए उत्तराखंड में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल’ की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा, सरकार कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देने की बात कर रही है।

युवाओं से विरासत से जुड़ने की अपील

मुख्यमंत्री ने युवाओं से गुज़ारिश की कि वे गुरु साहिबान के जीवन से प्रेरणा लेते हुए अनुशासन, परिश्रम, साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा और तकनीकी ज्ञान के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना भी आवश्यक है।

उन्होंने तराई क्षेत्र के विकास में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को भी याद किया और उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सम्मेलन में कहा कि राष्ट्र निर्माण में सिख समाज की भागीदारी हमेशा महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका आवश्यक है।

इस सम्मेलन में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और सिख समाज के गणमान्य लोग शामिल हुए।

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संवाददाता: दीप्ति शर्मा, Team Nainital Samachar

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