Uttarakhand: कॉरपोरेट सेक्टर की भागीदारी से अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार

Sep 26, 2026 - 08:30
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Uttarakhand: कॉरपोरेट सेक्टर की भागीदारी से अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार

Uttarakhand: कॉरपोरेट सेक्टर की भागीदारी से अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार

खटीमा, 25 सितम्बर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को खटीमा में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 15 नवीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें नेस्ले इंडिया द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत उपलब्ध कराए गए सात इलेक्ट्रिक कचरा संग्रहण वाहन भी शामिल हैं। ये वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे के संग्रहण एवं उसके सुरक्षित निस्तारण में सहायता करेंगे।

नेस्ले इंडिया ने धर्मपुर, छत्तरपुर, बिंदूखेड़ा (फौजी मटकोटा), कीरतपुर, बागवाला, दानपुर और नगला तराई इलाके के लिए एक-एक इलेक्ट्रिक कचरा संग्रहण वाहन उपलब्ध कराया है। इस कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित सामग्री भी ब्रिटानिया की ओर से उपलब्ध कराई गई। इसे स्वच्छता व्यवस्था में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्वच्छता में सुधार के लिए रणनीतियाँ

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता सुविधाओं को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और निस्तारण के लिए आधुनिक तकनीकों और संसाधनों का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने स्थानीय लोगों की भागीदारी और कॉरपोरेट सहयोग को इस व्यवस्था को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण पहलू बताया।

सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल और सरकारी योजनाएँ

उन्होंने ग्राम पंचायतों में विकसित किए जा रहे सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल का उल्लेख किया, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य राज्य में कचरा संग्रहण और निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है ताकि इसे ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।

विस्तृत कार्ययोजनाएँ और वाहन बेड़ा

मुख्य विकास अधिकारी दिवेश सासनी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में ऊधम सिंह नगर जिले की 373 ग्राम पंचायतों के लिए 71 क्लस्टर के माध्यम से ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत नगर निकायों से सटे ग्रामीण इलाकों और प्रमुख बाजारों में कूड़ा संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित नगर निकायों के साथ समझौते भी किए गए हैं।

जिले में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 231 वाहनों का एक बेड़ा तैयार किया गया है, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत 134 ई-रिक्शा और 75 ट्रैक्टर-ट्रॉली शामिल हैं, इसके अलावा सीएसआर और अन्य योजनाओं के तहत प्राप्त वाहनों का भी समावेश है। विभिन्न विकासखंडों में जिला पंचायत की ओर से कचरे के प्रबंधन की क्षमता बढ़ाने के लिए कॉम्पेक्टर का संचालन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, और नेस्ले इंडिया के कॉरपोरेट अफेयर्स और सस्टेनेबिलिटी डायरेक्टर कुंवर हिम्मत सिंह शामिल रहे।

कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह कदम न केवल अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करेगा बल्कि स्वच्छता व्यवस्था में कॉरपोरेट क्षेत्र की भागीदारी को भी बढ़ावा देगा।

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सादर, टीम नैनिताल समाचार
स्वाती जोशी

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