टनकपुर में खेल महाकुम्भ का भव्य शुभारम्भ, उत्तराखंड को खेलभूमि बनाने का संकल्प

Sep 2, 2026 - 08:30
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टनकपुर में खेल महाकुम्भ का भव्य शुभारम्भ, उत्तराखंड को खेलभूमि बनाने का संकल्प
टनकपुर में खेल महाकुम्भ का भव्य शुभारम्भ, उत्तराखंड को खेलभूमि बनाने का संकल्प

टनकपुर में खेल महाकुम्भ का भव्य शुभारम्भ, उत्तराखंड को खेलभूमि बनाने का संकल्प

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कम शब्दों में कहें तो: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर में आयोजित ‘खेल महाकुम्भ’ का शुभारम्भ करते हुए ग्रामीण प्रतिभाओं के विकास और खेलों में अनुशासन को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

टनकपुर (चम्पावत)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चम्पावत जिले के टनकपुर स्थित कैलाश चन्द्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम में ‘खेल महाकुम्भ - मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी-2026’ का ऐतिहासिक शुभारम्भ किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने का है। उद्घाटन के अवसर पर, मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर खेल उत्सव की शुरुआत की और खिलाड़ियों से निष्पक्षता के साथ खेलने की शपथ भी दिलवाई।

खेल महाकुम्भ का उद्देश्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह खेल महाकुम्भ ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “खेल केवल पदक जीतने के लिए नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास करने के लिए भी आवश्यक हैं।” उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश सरकार संसाधनों की कमी के कारण किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को पीछे नहीं छोड़ने का दृढ़ निश्चय रखती है।

हाल के बदलाव

खेल महाकुम्भ को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यापक बनाया गया है। यह आयोजन न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर विधानसभा, संसदीय स्तर तक और अंत में राज्य स्तर पर आयोजित होगा। इस बार विजेताओं को मिलने वाली 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके साथ ही, राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण भी मिलेगा, जिससे उनका भविष्य स्थापित करने में मदद मिलेगी।

खेलों में नई नीति का प्रभाव

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' अभियानों ने खेलों के प्रति नजरिया बदला है। उत्तराखंड सरकार भी इन अभियानों को समर्थन करते हुए नई खेल नीति की स्थापना कर रही है, जिसके अंतर्गत पदक विजेताओं को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब तक 29 खिलाड़ियों को इस योजना के तहत नियुक्त किया जा चुका है।

खेल ढांचे का विकास

प्रदेश में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए हल्द्वानी में राज्य खेल विश्वविद्यालय का निर्माण प्रारंभ हो चुका है, और खटीमा में आधुनिक स्टेडियम का निर्माण भी प्रगति पर है। 'एक जनपद-एक खेल' नीति के जरिए हर जिले की विशिष्ट खेल पहचान बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए न्याय पंचायत स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं को उनकी करियर की पहली सीढ़ी बताया और चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता का आश्वासन दिया।

खेल महाकुम्भ की समयरेखा

कार्यक्रम के अनुसार न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिताएं 01 से 10 सितंबर तक होंगी। इसके बाद विधायक चैम्पियनशिप 11 से 20 सितंबर तक, सांसद चैम्पियनशिप 21 से 30 सितंबर तक, और राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी 10 से 30 अक्टूबर के बीच आयोजित की जाएगी। इन प्रतियोगिताओं में सभी आयु वर्ग के बच्चों के साथ-साथ दिव्यांग खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

उद्घाटन समारोह के दौरान विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह, एवं जिलाधिकारी मनीष कुमार जैसे कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह खेल महाकुम्भ न केवल खिलाड़ियों के लिए एक माध्यम है, बल्कि उत्तराखंड को खेल भूमिपर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

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सादर,
Team Nainital Samachar
सुपर्णा तिवारी

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