उत्तराखंड: रजत जयंती समारोह में पीएम मोदी ने पुरानी योजनाओं का किया लोकार्पण, हरीश रावत का आरोप
उत्तराखंड: रजत जयंती समारोह में पीएम मोदी ने पुरानी योजनाओं का किया लोकार्पण, हरीश रावत का आरोप
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कम शब्दों में कहें तो, 9 नवंबर को आयोजित उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती के समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुराने योजनाओं का लोकार्पण किया, जिससे राज्य की जनता में निराशा फैल गई।
देहरादून। उत्तराखंड राज्य के गठन की रजत जयंती के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 नवंबर को देहरादून में अनेक परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने 28 हजार से अधिक किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 62 करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने राज्य के विकास के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता पर जोर दिया और हाल में शुरू की गई विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया।
कांग्रेस ने समारोह को किया निशाने पर
हालांकि, कांग्रेस पार्टी ने इस कार्यक्रम को लेकर केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि जो भी योजनाएं प्रधानमंत्री ने उद्घाटन कीं, वे सभी कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर पिछली सरकारों के कार्यों का श्रेय लेने का आरोप लगाया और कहा कि रजत जयंती जैसे महत्वपूर्ण मौके पर लोगों को नई योजनाओं की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे जनता में निराशा फैल गई।
प्रदेश को फिर से ठगा गया, हरदा की टिप्पणी
हरिश रावत ने आगे कहा कि इस मंच से राज्य की कई प्रमुख समस्याओं पर कोई ठोस प्रस्ताव नहीं रखा गया, जैसे आपदा प्रबंधन, पलायन, बंद होते उद्योग और स्थायी राजधानी की मांग। उन्होंने व्यक्त किया कि राज्य के लोगों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री उन्हें कुछ नई सुविधाएं देंगे, लेकिन उत्तराखंड को एक बार फिर से ठगा महसूस हुआ।
औपचारिकता तक सीमित रहा रजत जयंती समारोह
उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य के विकास के लिए कोई स्पष्ट योजना या रोडमैप पेश नहीं किया। कांग्रेस का मानना है कि रजत जयंती समारोह का उपयोग केवल एक औपचारिक आयोजन में सीमित रहा, जबकि यह अवसर राज्य के वास्तविक मुद्दों को उजागर करने और भविष्य की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए होना चाहिए था।
इस समारोह के दौरान केंद्र सरकार ने केवल पुरानी योजनाओं को फिर से प्रस्तुत किया, जबकि राज्य को नई और स्थायी विकास योजनाओं की जरुरत है। कहना गलत नहीं होगा कि हरीश रावत के आरोपों ने राज्य की राजनीतिक स्थिति में और गरमी पैदा कर दी है।
आगे भी ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता है, जहां सरकार राज्य के विकास और युवाओं के रोजगार को संबोधित करे। इसके बिना, राज्य की औसत नागरिकों की उम्मीदों को पंख देने का कार्य मुश्किल हो जाएगा।
अत: प्रदेशवासियों को उम्मीद है कि अगली बार प्रधानमंत्री जब फिर से यहां आएंगे, तो कुछ ठोस और सुंदर योजनाओं के साथ आएंगे।
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सादर,
सुमिता कुमारी,
टीम Nainital Samachar
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